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भारत रत्न बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर चौसा के विभिन्न संस्थानों में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

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कुमार साजन@चौसा,मधेपुरा 

कन्या मध्य विद्यालय चौसा में एक समारोह का आयोजन कर डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की याद में उनकी पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने की।इस मौके पर प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने कहा कि बाबा साहेब अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। इस दौरान बाबा साहेब गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। आजाद भारत के वो पहले विधि एवं न्याय मंत्री बने। आंबेडकर ही भारतीय संविधान के जनक हैं।

बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बाल संसद के शिक्षक संयोजक संजय कुमार सुमन ने कहा कि अंबेडकर दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। जीवन भर दलितों और अन्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों हेतु संघर्ष किया। उन्हें भारतीय संविधान के पिता के रूप में भी जाना जाता है।अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के उनके प्रयास उल्लेखनीय थे।
समारोह में डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तैल चित्र पर विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजलि दी गई।
इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान, शिक्षक रिजवाना इसराइल, हकीम उद्दीन, संजय कुमार सुमन, प्रतिभा गुप्ता, बिंदु कुमारी, संजीवानंद,उमेश प्रसाद यादव, बिंदुला कुमारी, रेहाना खातून, विभा कुमारी, पुरुषोत्तम कुमार, बाल संसद के प्रधान मंत्री साक्षी कुमारी, उपप्रधानमंत्री गुंजन कुमारी, मंत्री उम्मे हबीबा, शिवानी कुमारी, चंचल कुमारी, लवली कुमारी, सोनी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी समेत विद्यालय के सभी बच्चे उपस्थित थे।

महादेव लाल मध्य विद्यालय चौसा परिवार द्वारा भारतीय संविधान के शिल्पी , स्वतंत्र भारत के प्रथम विधिमंत्री व भारत रत्न बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया , जिसमें बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित तथा दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई । इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला ।
मौके पर शिक्षक सत्यप्रकाश भारती, यहिया सिद्दीकी, प्रणव कुमार, राजेश कुमार, मंजर इमाम, भालचंद्र मंडल, शिक्षिका मंजू कुमारी, नुजहत परवीन, रीणा कुमारी, श्वेता कुमारी सहित छात्रगण उपस्थित थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यप्रकाश भारती ने किया।

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उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़की बढोना में प्रधानाध्यापक गौतम कुमार गुप्त के नेतृत्व में श्रद्धाजलि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया गया ।मौके पर शिक्षक लड्डू कुमार शर्मा, मनीष कुमार, बीरेन्द्र कुमार भगत, बुद्धदेव कुमार, सोनी शर्मा, शिक्षा सेवक कैलाश भारती, वकील रजक एंव छात्र-छात्रा उपस्थित थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक गौतम कुमार गुप्त ने किया ।

प्राथमिक विद्यालय खोखन टोला में डॉ. भीमराव अंबेडकर का महानिर्वाण दिवस वरीय शिक्षिका माला कुमारी कंचन की अध्यक्षता में मनाया गया। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमें बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित तथा दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई ।इस अवसर पर शिक्षक मो० शाहनवाज ने कहा कि डॉक्टर भीमराव आंबेडरकी आज पुण्यतिथि है। 6 दिसंबर 1956 यानी आज ही के दिन भारत मां के इस महान सपूत ने अंतिम सांस ली थी। उन्हें बाबासाहेब आंबेडर के नाम से भी जाना जाता है। डॉक्टर आंबेडकर की याद में उनकी पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। इस दौरान बाबा साहेब गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। आजाद भारत के वो पहले विधि एवं न्याय मंत्री बने।आंबेडकर ही भारतीय संविधान के जनक हैं। इस मौके पर शिक्षिका माला कुमारी कंचन,गायत्री कुमारी, शिक्षक मो० शहनाज़ एंव छात्र छात्रा उपस्थित थे।

भारत रत्न डॉ भीम राव अम्बेडकर विचार मंच चौसा में डॉ अम्बेडकर के63वें महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर विचार मंच के पदहिकारियों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा बाबा साहब के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी।

अम्बेडकर विचार मंच के अध्यक्ष सुबोध कुमार पासवान ने श्रद्धासुमंन अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर सिर्फ एक शलाका पुरुष थे।उन्होने महिलाओं एवं अछूतों के अधिकार पर विशेष रूप से बल दिया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री थे।अपने मंत्रित्वकाल में भी उन्होने समता,न्याय ,बंधुत्व को ध्यान में रखकर पुरे भारतवासी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
नेपाल के शांति राजदूत डॉ शशिधर मेहता ने कहा कि बाबा साहब विपुल प्रतिभा के धनी थे।वे आधुनिक भारत के निर्माता और पथद्रष्टा भी थे।उनकी कृति हमेशा याद रहेगी। मंच के उपाध्यक्ष प्रो शिवकुमार यादव ने कहा कि आज हमारा समाज टूट रहा है,उन्हें डॉ अम्बेडकर के त्याग और बलिदान से सीख लेनी चाहिए।
पूर्व मुखिया श्रवण कुमार पासवान एवं संयुक्त सचिव मनोज पासवान ने संयुक्त मंतव्य देते हुए कहा कि डॉ अम्बेडकर के आदर्शों को अपनाकर हीं चहुँमुखी विकास की परिकल्पना की जा सकती है।मौके पर साहित्यकार संजय कुमार सुमन,निरंजन कुमार नीरज,आरसी यादव,मो शाहनवाज,सुदामा पासवान,भूषण पासवान, कार्यालय प्रभारी मृत्युंजय कुमार भगत,अमोद पासवान, धीरेन्द्र दर्वे,प्रफुल्ल कुमार,लोजपा के प्रखंड उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार,केदार पासवानआदि ने भी बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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