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तेज बहाव में फिर तीसरी बार चिलौनी नदी का डायवर्सन बिखरा

दर्जनों गांव का प्रखंड मुख्यालय से टूटा संपर्क,डायवर्सन निर्माण में बंदरबांट का आरोप

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त्रिवेणीगंज/सुपौल/ उत्तर बिहार में आए दिनों हो रही अत्यंत भारी बारिश से जलस्तर वृद्धि होने के कारण संतमत सत्संग के वर्तमान आचार्य स्वामी हरिनंदन जी महाराज की धरती मचहा जाने वाली चिलोनी कतार नदी पर बने डायवर्शन फिर तीसरी बार रविवार की रात्रि ध्वस्त हो गया है। यह डायवर्सन सीमावर्ती जिले मधेपुरा के दर्जनों गांव को त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ता है।

डायवर्सन के टूट जाने से मधेपुरा जिला के दो दर्जन और त्रिवेणीगंज प्रखंड के एक दर्जन गांव के करीब पचास हजार आबादी का संपर्क त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय भंग हो गया है। इसके कारण लोगों को अनुमंडल मुख्यालय आने के लिए कई किलोमीटर ज्यादा की दूरी तय कर आना पर रहा है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड एवं मधेपुरा जिला के शंकरपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों को जोड़ने के उद्देश्य से कई दशक पूर्व चिलौनी नदी पर पुल निर्माण कराया था, लेकिन 2008 में आई प्रलयंकारी कुसहा त्रासदी में पुल का दो पाया ध्वस्त हो गया था। इसके बाद इस सड़क पर आवागमन को पुन: बहाल करने के लिए 2017, 2018 और 2020 में तीन बार डायवर्सन का निर्माण किया गया। तीनों बार बरसात का मौसम आते ही नदी की तेज धारा में डायवर्सन टूट गया।

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डायवर्सन निर्माण में बंदरबांट का आरोप : प्रखंड के मचहा(कुसहा) समाजसेवी जितेंद्र कुमार अरविंद,तारणी प्रसाद यादव,बीरेंद्र कुमार,अरविंद कुमार,मिथिलेश कुमार, आदि ने बताया कि डायवर्सन निर्माण में अधिकारियों व संवेदकों की मिलीभगत से केवल राशि की बंदरबांट की गई है। जितनी राशि डायवर्सन निर्माण में विभाग ने खर्च की है। उतनी राशि में इस स्थल पर पुल का निर्माण किया जा सकता था।

क्या कहते है एसडीएम : इस बाबत एसडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि पानी कम होने पर उक्त जगह पर फिर से डायवर्सन का निर्माण कराया जाएगा।

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