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वर्षों से अपने जीवित होने का प्रमाण खोज रही सुपौल की महिला

सरकारी साइट पर मृत घोषित किये जाने के कारण नहीं मिल रहा पेंशन

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मिथिलेश कुमार@पिपरा,सुपौल

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अधिकारी और कर्मियों की उदासीनता के कारण एक विधवा महिला का पेंशन करीब तीन साल से अटका हुआ है। सबसे बड़ी बात ये कि सरकारी फाइल में उक्त महिला को मृत घोषित कर दिया गया है। नतीजा ये है कि तीन साल से अपने आपको जीवित साबित करने और पेंशन चालू करवाने के लिए लगातार एक विधवा महिला कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पिपरा थाना क्षेत्र के कौशली पट्टी गांव निवासी पवनी देवी पति स्व बलदेव यादव का पेंशन का भुगतान करीब तीन साल से रुका हुआ है। पीड़ित महिला पवनी देवी ने कहा कि उसके पति बलदेव यादव की मौत के बाद वर्ष 2015 में उसके लिए पेंशन की स्वीकृति की गई थी। जिसके बाद करीब डेढ़ साल तक उसे पेंसन का भुगतान भी मिला लेकिन उसके बाद जो पेंशन बंद हुआ तो आज तक पेंशन उसे नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि काफी दौर धूप के बाद पेंशन नहीं मिलने को लेकर वजह जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि सरकार के ई लाभार्थी के साइट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। जिसके चलते उन्हें पेंशन नहीं मिला।
पीड़ित महिला के पुत्र संतोष कुमार ने बताया कि शुरू में करीब डेढ़ साल पेंशन मिलने के बाद उनकी माँ का पेंशन बंद कर दिया गया इस बात की जानकारी उनलोगों को वर्ष 2018 में मिली जब बंद पेंशन की खोज बिन करने पर विभाग द्वारा कागजात जमा करने की बात कही गयी। जिसके बाद ऑन लाइन करने के लिए आधार कार्ड बैंक एकाउंट सहित अन्य कागजात भी उनसे जमा करवाये गए।
काफी दौर धूप करने के बाद भी जब पेंशन चालू नहीं हुआ तो वे लोग पिपरा बीडीओ के पास अपनी गुहार लगाई। जहां समुचित आश्वासन उन्हें दिया गया साथ ही एक एफिडेविट बनाकर जमा करने का निर्देश दिया गया।
हद तो तब हो गई जब एफिडेविट जमा करने के नौ माह बाद भी आज स्थिति जस की तस है। विभागीय साइट पर आज भी उक्त महिला को मृत घोषित ही दिखाया गया है।ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर जीवित होने के प्रमाण के लिए तीन साल से कार्यालय का चक्कर लगा रही महिला की गुहार कब सुनी जाएगी और कब तक उसका पेंसन स्वीकृत कर भुगतान किया जाएगा।
हालांकि इस बाबत स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मो इमामन ने बताया कि उक्त महिला को बीडीओ साहब एफिडेविट देने के लिए कहा था जिसके बाद कि स्थिति उन्हें पता नही है, वैसे भी ये काम अधिकारी के स्तर से ही हो सकती है लिहाजा वे और कुछ नहीं कह सकते हैं।

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