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सुपौल : सालों बाद सुनाई दी रेल के सिटी की आवाज, लोगों में दिखी खुशी

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छातापुर,सुपौल/संजय कुमार भगत/ शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। इस पल को अपने कैमरे तथा आंखों में संजोने के लिए ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों उत्साही लोगों की भीड़ जमा हो गई। आमान परिवर्तन के क्रम में बड़ी गेज अर्थात बड़ी लाइन पर दौड़ती आ रही मालगाड़ी की इंजन के हॉर्न की आवाज से ललितग्राम स्टेशन , समेत स्थानीय बाजार गुंजायमान हुआ कि भीड़ ने ताली बजाकर रेल का स्वागत किया। इस मौके पर लक्ष्मीनियां , बलुआ मधुबनी , डोडर आस पड़ोस सत्र के निवासी बोआ गुप्ता, मनीष गुप्ता , राजेश कुमार , राकेश कुमार झा,सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

उसमें से कई ने रेल इंजन के साथ आए अभियंताओं को माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया और रेलवे को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया। लोगोंने कहा कि 20 जनवरी 2012 यानी बीते 9 वर्षों के बाद ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर बड़ी रेल लाइन का पहला ट्रायल इंजन पहुंचा। यह देख वहां मौजूद लोगों ने कहा कि करीब दशक भर बाद ट्रेनों के चलने की आस जग गई है. रेल इंजन की सीटी बजते ही हजारों की संख्‍या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग ललितग्राम स्टेशन पर उमड़ पड़े। वर्षों बाद रेलवे स्टेशन पर इंजन को देखने को लेकर लोगों में खुशी का माहौल था। लोगों ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। बता दें कि पीएम मोदी ने कुछ ही महीने पहले कोसी नदी पर बने रेल महासेतु पर ट्रेन परिचालन को हरी झंडी दिखाई थी। लोगों को अब लगने लगा है कि जल्द ही रेल की सवारी करने का सपना पूरा होगा।

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रेल परिचालन के लिए उत्सुक लोग एक दूसरे से पूछते दिख रहे थे कि आखिर कब से ट्रेनों का चलना प्रारंभ होगा। दरअसल, पिछले वर्ष ही सहरसा से सरायगढ़-आसन्नपुर और राघोपुर तक बड़ी रेल लाइन की ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ है। इसके बाद राघोपुर से फारबिसगंज के बीच धीमे चल रहे आमान परिवर्तन कार्य में गति देखी गई। इसी क्रम में 9 वर्षों के बाद 27 फरवरी 2021 को 3:30 में सहरसा से ट्रायल इंजन ललितग्राम स्टेशन पहुंचा, तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रेलवे ने शनिवार को इंजन लाने की योजना ललितग्राम स्टेशन तक के लिए बनाई थी। नई पटरियां बिना ब्लास्ट के बिछाई गई है। दिन के 12 से 01 बजे के बीच ही इंजन का समय था। लेकिन ट्रायल इंजन आते-आते करीबन 3:30 बजे पहुंचे। इंजन एवं ट्रेन को बड़ी गेज में परिवर्तन होने के बाद सहरसा – फारबिसगंज रेलखण्ड पर ट्रेन लाने का दायित्व चालक राजेश कुमार को प्राप्त हुआ।

रेल इंजन ट्रायल का जायजा लेने पहुंचे रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि ललितग्राम स्टेशन को सरायगढ़ से फारबिसगंज के बीच ललितग्राम स्टेशन को बेहतर तरीके से बनाया जाएगा। जिसका डिजाइनिंग के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। जिसके डिजायन के आधार स्टेशन को तैयार किया जाएगा। उनसे जब ट्रैन परिचालन के लिए पूछा गया तो उन्होंने बातया कि मई से जून तक सीआरएस निरक्षण के बाद ट्रैन परिचालन शुरू किया जाएगा। वहीं फारबिसगंज तक रेल परिचालन के लिए उन्होंने संभावना जताते हुए बताया कि नवंबर दिसंबर तक फारबिसगंज तक अमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर ट्रेनों का परिचालन होना संभव है।

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