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ऐसे बचाइए अपने आम के टिकोला को,उत्पादन होगा बेतहासा

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प्रशांत कुमार / भारत में जब फल की चर्चा होती है तो उसमे आम की चर्चा न हो ये संभव नही है .देश में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले फलों में आम सर्वोतम है तभी तो आम को फलों का राजा कहा जाता है .इसके रसीले स्वाद ,आकर्षक छटां और प्रचुर मात्रा में मौजूद विटामिन हर किसी के मुंह में पानी लाता है .आम न केवल बड़े पैमाना पर भारत में लोग खाते है बल्कि भारत से इसका अन्य देशों में सप्लाई भी होता है.ऐसे रसीले और स्वादिष्ट फल का उत्पादन अभी शुरू है.भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इस वर्ष बहुत अच्छे आम के मंजर आये है लेकिन उसे बचाने में किसान अक्षम हो रहे है.इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक सह वरीय वैज्ञानिक डॉ बिपुल कुमार मंडल ने विस्तृत उपाय बताया है .

आम के वर्तमान स्थिति जहाँ किसानों के आम गिर रहे है या झड़ रहे है के सवाल पर डॉ मंडल ने कहा कि किसानों के पास अभी इस तरह से बचाव के लिए बस एक ही उपाय है रासानिक उपचार .रासायनिक उपचार के तहत किसान बाजार से एक दवाई प्लानोफिक्स खरीद कर लाये और उसका एक एम एल प्रति चार लिटर देकर छिडकाव करे इससे टिकोला पेड़ में टिकेगा और नियमित आम का सिंचाई करते रहे.सिंचाई के सम्बन्ध में उन्होंने कहा जब तक आम का फल बड़ा न हो जाये तब तक सिंचाई करे.खेत में नमी बरकार रखने हेतु उन्होंने कहा कि किसान ये सुनिश्चित करे कि खेत न अधिक नमी वाला हो और न ही खेत सुखा हो.

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सवाल कि क्या फल के बड़ा हो जाने पर भी उसमे कीड़ा लगने की सम्भावना है पर उन्होंने कहा कि निश्चित ही ऐसा हो सकता है .इससे बचाव हेतु सलाह देते हुए उन्होंने कहा इम्डाक्लोरोपिड या थायोमीथाओग्जिम का किसान छिडकाव कर कीट से बचाव कर सकते है.उन्होंने कहा अभी बारिश का मौसम है ऐसे में पेड़ पर बेक्ट्रियल प्रभाव होने का डर है इससे बचाव हेतु किसान कॉपरऑक्सीक्लोराइड का छिडकाव करे.

आम ,mango,टिकोला
डॉ ( प्रो) बिपुल कुमार मंडल
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आम के अच्छे उपज के लिए डॉ बिपुल मंडल ने बताया कि किसानो को शुरआत के दिन से आम के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है .कहा बगीचा में कम से कम वर्ष में दो बार खाद आदि का प्रयोग करे और साथ में सूक्ष्म पोषक तत्व आदि का छिडकाव करे.उन्होंने सूक्ष्म तत्व के लिए बाते कि किसान मल्टीप्लेक्स,सेलाबोर आदि का छिडकाव कर सकते है.उन्होंने कहा इसके छिडकाव से किसान अच्छी फल प्राप्त कर सकते है.

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अक्सर किसानो की समस्या कि पेड़ पुराना हो गया है अब आम फल नही रहा है के सवाल पर उन्होंने कहा कि चालीस वर्ष पुराना पेड़ है उससे भी किसान अच्छा फल प्राप्त कर सकते है इसके लिए कुछ ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा जिस तरह मानव वृद्ध होते है तो कुछ ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है उसी तरह पेड़ में भी है.उस पेड़ की सिंचाई खूब अच्छे से करे,वर्ष में दो बार निश्चित खाद आदि दे और ये ध्यान रखे कि बगीचा में कहीं पानी न जमा हो ,आसपास घास न हो ,सुखी टहनी पेड़ में लगा हो उसे बरसात के बाद तोड़ दे,पेड़ कहीं कहीं छेद आदि हो तो उसे रुई में पेट्रोल लगाकर साफ कर दे और फिर पेट्रोल लगे रुई  को उस छिद्र में भर दे ,समय समय पर कीटनाशी और पोषक तत्व का छिडकाव करते रहे तो अगले वर्ष निश्चित ही अच्छा आम प्राप्त किया जा सकता है.

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कुछ पेड़ के बहुत अच्छे होने के बावजूद मंजर नही आने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि ऐसा तब होता है जब पेड़ में फास्फोरस की कमी होती तो इसके लिए किसान पेड़ में सूक्ष्म पोषक तत्व का छिडकाव करे और सिंगल सुपर फोस्फेट का उपयोग करे तो उस पेड़ से भी बहुत अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.

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