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सहरसा में विभाग की शिथिलता से दुकानदार कर रहे खुलेआम पालीथीन का प्रयोग

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सुभाष चन्द्र झा
कोसी टाइम्स@सहरसा
राज्य सरकार द्वारा पॉलीथिन थैली पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी पूरे शहरी क्षेत्र में यह बेअसर साबित हो रहा है. बड़े, छोटे एवं फुटकर दुकानदार धड़ल्ले से पॉलीथिन थैली का प्रयोग कर रहे हैं. इसे देखने वाला कोई नहीं है. यदा कदा नगर परिषद जांच कर अपना खानापूर्ति करते रहे हैं. शुरुआत में जब इसपर प्रतिबंध की घोषणा की गयी थी तो आमलोगों के साथ दुकानदारों ने भी हो सकी सराहना की थी लेकिन अब यह बेअसर साबित होने लगा है. सब्जी विक्रेता से लेकर बडे दुकानदार भी पालीथीन थैले का पूर्व की तरह हीं बेखौफ प्रयोग कर रहे हैं. इसका प्रयोग प्रशासन के आखों के सामने हो रहा है लेकिन इसे रोकने की जहमत कोई नहीं उठा रहे हैं. दुकानदार व सब्जी बिक्रेता सबों के हाथों में बेखौफ पालीथीन थैला पकडा रहे हैं. आमलोगों के साथ पालिथीन थैला बिक्री रोकने वालों के हाथों में भी यह एकबार फिर से दिखने लगा है. कुछ छोटे कारोबार करने वाले फुटकर बिक्रेता तो यह कहते सुने जा रहे हैं कि पालीथीन बंदी सिर्फ दो माह के लिये की गयी थी. जो समय सीमा समाप्त हो गया है. अब इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है. जबकि कुछ विक्रेता यह सोचकर बेफिक्र हैं कि अभी चुनाव व मतगणना में अधिकारी लगे हैं तो जांच हो ही नहीं सकती फिर डर किसका. पालीथीन बंद के शुरुआती समय में लोगों का इसके प्रति जो सपोर्ट मिला था वो काफी कम होता दिख रहा है. जिसका मुख्य कारण प्रशासन का जांच के प्रति उदासीन रवैया है. इम लोग घरों से थैला लेकर निकलने लगे था या फिर बाजार से थैला खरीदने को मजबूर हो रहे थे. प्रशासनिक उदासीनता से छोटे व बडे कारोबारी पालीथीन बैग का प्रयोग करने लगे. जिससे लोगों को भी थैले ले जाने से छुटकारा मिल गया.

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प्रशासन के कडे रूख से पालीथीन मुक्त हो सकता है
शहर 
पूर्व की तरह है जिला प्रशासन अगर कड़ा रुख अपनाती है तो एक बार फिर से पूरा जिला पॉलीथिन थैली से मुक्ति पा सकता है. पॉलिथीन बंद होने से शहर के सभी सड़कें कचरे मुक्त दिखाई पड़ने लगे थे. लेकिन धीरे-धीरे एक बार फिर सड़कों के किनारे उड़ते पॉलीथिन एवं नालियों में पड़े पॉलीथीन देखे जा सकते हैं. नालियों में बहने वाले पानी के प्रवाह को रोकने में पॉलीथिन का बड़ा योगदान होता है. पॉलिथीन प्रयोग रुकने से नालियों में कचरे की कमी भी आई थी, लेकिन इसे पूर्ण रूप से बंद करा सकने में असफल जिला प्रशासन के कारण एक बार फिर पॉलीथिन हर हाथ में पहुंच रहा है. जबकि राज्य सरकार द्वारा इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. सब्जी विक्रेता से लेकर छोटे बड़े दुकानदार, होटलों में भी पॉलीथिन का प्रयोग धड़ल्ले से जारी है. खुलेआम सब्जी विक्रेता आम लोगों से लेकर पदाधिकारियों के हाथों तक पॉलीथिन के थैले पकड़ा रहे हैं. कुछ छोटे दुकानदार तो अब यह समझने लगे हैं कि मात्र दो महीने के लिए पाबंदी लगी थी जो अब समाप्त हो गया है. उन्हें अब कोई भय नहीं है. कुछ लोगों के दुष्प्रचार से छोटे कारोबारी के मन में यह बात भी आ गयी है. जिसे दूर करने के लिये पालीथीन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे रहने की जानकारी के लिये प्रचार प्रसार कराने की भी जरूरत है.

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