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विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ को तीन माह से नही मिला है वेतन ,पांच घंटे तक किया प्रदर्शन

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शुशांत कुमार /सिंहेश्वर,मधेपुरा/ सम्पूर्ण देश सहित बिहार में कोरोना का कहर जारी है.ऐसे में सरकार द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वारियर्स की उपाधि दी गयी.इस संकट के समय स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लगातार काम किया जा रहा है लेकिन मधेपुरा के विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज से इस समय एक बुरी खबर सामने आ रही है जहाँ 138 ए ग्रेड नर्सों को पिछले तीन माह से वेतन नही मिला है जिस वजह से उनके खुद की और घर परिवार में खाने को संकट आ पड़े है.अपनी वेतन सहित अन्य समस्याओं को लेकर जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज के नर्सों ने आज अपने काम के बाद धरना देकर विरोध जताया और अपने समस्याओं से अवगत कराते हुए इस ओर ध्यान देने का आग्रह किया.इस विरोध के बाद संवेदनहीन अस्पताल प्रशासन ने उनके मांगों को `दरकिनार कर काम पर वापस लौटने को न केवल कह डाला बल्कि प्राथमिकी दर्ज करने की धमकी दे डाली .

कर्मीयों के द्वारा बताया गया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के 138 ए ग्रेड नर्स अपनी मांगों एवं अस्पतालों में हो रहे परेशानी को लेकर इमरजेंसी वार्ड के आगे धरना पर बैठे  है. बताया कि जबसे इन लोगों की नियुक्ति हुई है तब से अब तक किसी को ज्वाइनिंग लेटर नही दिया गया है साथ ही वेतन भी नही दिया गया है. जिस वजह से सभी के उपर भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. जुनियर चिकित्सकों के द्वारा बार- बार गाली- गलौज किया जाता है. कोरोना वार्ड में कोरोना मरीजों को घटिया खाना देने का गुस्सा भी हम लोगों पर ही उतारा जाता है. सुरक्षा नही रहने के कारण हमलोगों से दुर्व्यवहार किया जाता है.

बताया रात में भी पुरुष ए ग्रेड नर्स की कमी के कारण महिला नर्स की ड्यूटी लगा दी जाती है. लोकल फोर्थ ग्रेड स्टाफ के द्वारा बदतमिजी की जाती है. इन सब बातों पर अस्पताल प्रबंधन का ध्यान नही है. उल्टे ही पहले मेट्रोन आशा ने सभी को हटने को कहा. जब उनकी बातों को नी सुना गया तो डाक्टर अंजनी ने सभी पर मामला दर्ज करने की बात कही .

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पुरे पांच घंटे तक नर्सों द्वारा अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया लेकिन प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कोई सुनवाई नही की गयी.नर्सों के विरोध के कारण अस्पताल की आपातकालीन सेवा को बहाल रखा गया .इस कड़ी में विरोध प्रदर्शन करने वाले कर्मियों ने बताया कि इस सम्बन्ध वो लोग पूर्व में कई बार अस्पताल अधीक्षक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है लेकिन कोई कार्रवाई नही हो पाई है.कहा अब आश्वाशन से सभी थक चुके है इसलिए हमलोगों को इस तरह का कदम उठाना पडा है.जब तक मांगे पूरी नही होगी हमलोग का विरोध प्रदर्शन संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा.

वहीँ इस सम्बन्ध में जब मेडिकल कॉलेज अधीक्षक कर्नल डॉ अहमद अंसारी से बात करने हेतु कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल का उत्तर देना मुनासिव न समझा .जब उनसे उनके कार्यालय पहुँच इस सम्बन्ध में जानकारी लेना चाहा तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया.

बड़ा सवाल है कि आखिर किस परिस्थिति में अधीक्षक द्वारा इन सभी समस्याओं को जानते हुए अनसुना किया जा रहा है ? बीते सात मार्च को मुख्यमत्री नीतीश कुमार इस चिकित्सा महाविद्यालय का उद्घाटन करते हुए इसे विश्वस्तरीय कहा था .लेकिन क्यों उद्घाटन के चंद महीना होने के ही बाद यहाँ समस्याओं का अम्बार लग गया है ?खबर प्रेषण तक कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन जारी था जिसे वो मांग पूरा होने तक जारी रखने की बात कर रहे थे.

मौके पर प्रियांशु कुमार, मिनाक्षी पाठक, अभिषेक कुमार चौबे, स्वर्णलता कुमारी, नुसरत बानो, अनिल कुमार शर्मा, गोविन्द कुमार, पार्वती कुमारी, मालती कुमारी, राहुल कुमार वर्मा, प्रीतीश चंदा, इन्दु कुमारी, रागिनी कुमारी, आरती कुमारी, किरण कुमारी, अनुष्का राय सहित अन्य मौजूद थे.

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