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मुरलीगंज बीडीओ की बड़ी लापरवाही आई सामने, ये गलती कर सकता है जिला को तबाह

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मधेपुरा

कोरोना के संकट से आज न केवल बिहार बल्कि पूरा देश तबाह है.इस विकट परिस्थिति में लगातार मुख्यमंत्री हर अधिकारी को आगाह करते रहे है कि हर कार्य को बारीकी से करे और इस महामारी को फैलने से रोके लेकिन मधेपुरा जिला अंतर्गत मुरलीगंज के बीडीओ की  बड़ी लापरवाही सामने आई है.ऐसी लापरवाही कि पूरा जिला तबाह हो सकता है.आज से एक सप्ताह पूर्व भी मुरलीगंज बीडीओ ने कोरोना संदिग्ध की सुचना देने वाले एक शख्स को बड़ी बेहूदगी से डांट दिया था.

दरअसल मामला ये है कि मंगलवार को विभिन्न प्रदेशों से करीब पचास लोग आये जो गम्हरिया में स्क्रीनिंग करवाकर मुरलीगंज के पंचायत स्तरीय कोरनटाईन  के लिए भेज दिए गये लेकिन मुरलीगंज बीडीओ ने इसको गंभीरता से नही लिया सभी बाहर से आने वाले लोग अपने अपने घर में रह रहे है.ऐसे में ग्रामीणों को अब भी सता रहा है कि अगर एक भी लोग इसमें पॉजिटिव निकल गया तो पूरा टोला मोहल्ला साफ हो जायेगा.

प्रखंड अंतर्गत सिंगियान पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बबलू दास ने स्थानीय एवं जिले के वरीय पदाधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरनटाईन एवं लॉक डाउन की  धज्जियां उड़ाई जा रही है लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सिंगियान पंचायत में मंगलवार को मालवाहक ट्रक में भरकर 40 और बुधवार को 25 लोग दिल्ली सहित अन्य राज्यो से अपने गांव सिंगियान वार्ड संख्या 8 पहुंचे हैं जहां वह लोग खुले तौर पर गांव में घूम फिर रहे हैं जिससे ग्रामीण काफी दहशत में है . बाहर से आने वाले लोगों के लिए उनके स्वास्थ्य परीक्षण एवं उन्हें 14 दिन के लिए कोरनटाईन भवन में रखने की जो बात सरकार कर रही है वह बिल्कुल ही धरातल पर लागू नहीं हो पा रहा है ।

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मुखिया प्रतिनिधि बबलू दास के अनुसार दिल्ली से आए 40 लोगों की सूचना आंगनबाड़ी सेविका के द्वारा महिला पर्यवेक्षिका एवं मुखिया को दी गई जिसके बाद मुखिया के द्वारा इस मामले की सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी एवं चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार को दी गई लेकिन इनके द्वारा कोई भी पहल नहीं किए जाने के बाद जिला अधिकारी के गोपनीय शाखा के पदाधिकारी को एवं डीसीएलआर को फोन पर सूचित किया गया लेकिन अब तक ना गांव में मेडिकल की टीम पहुंची, ना इन लोगों को कोरनटाईन  में रखने की कोई भी व्यवस्था नही की गई है ।  बताया कि जिस तरह से मंगलवार को 40 मजदूर दिल्ली से आए हैं और बुधवार को 25 लोग और अन्य राज्यों से वापस घर लौटे हैं और टोले मोहल्ले में यह लोग बेरोकटोक घूम फिर रहे हैं अगर इनमें से किसी एक को भी कोरोना वायरस का संक्रमण होगा तो उससे पूरा गांव तबाह हो जाएगा और उसकी जो भयावह परिणाम होगा .

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया है कि अविलंब पंचायत में कोरनटाईन  के लिए जो सरकारी विद्यालय का चयन करने के लिए कहा गया था। विद्यालय चयन के बाद उनमें कम से कम उनके ठहरने व पेयजल की व्यवस्था अगर अधिकारियों के पहल से की जाती है तो हम लोग उनके भोजन आदि इत्यादि की व्यवस्था ग्रामीण स्तर पर करेंगे। लेकिन जब वरीय पदाधिकारी ही इन सब बातों को भूल जाने के लिए कहते हैं तो ऐसे में रूह कांप जाता है कि अगर खुदा न खस्ता किसी एक को कोरोना अपने संक्रमण की चपेट में लिया हो और उससे जो गांव में महामारी फैलेगी तो उस पर काबू कैसे किया जाएगा।

बाहर से आए लोगों की सूचना मुखिया वह महिला पर्यवेक्षिका को देने के आरोप में सेविका के साथ गाली गलौज एवं किया दुर्व्यवहार

स्थानीय पोषक क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका के द्वारा जब बाहर से आए 40 मजदूरों की सूचना महिला पर्यवेक्षिका एवं मुखिया को दी गई तो इस पर बाहर से आए लोगों एवं उनके परिजनों के द्वारा सेविका के घर पर सेविका एवं उनके परिजनों के साथ गाली गलौज एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार किया गया है .इस मामले में आंगनबाड़ी सेविका रूबी खातून के पति मोहम्मद जफर आलम ने बताया कि जब बाहर से आने वालों की सूचना मुखिया एवं एलएस को दी गई तो देर रात बाहर से आए लोगों एवं उनके परिजनों के द्वारा हमारे घर पर आ कर गाली गलौज किया गया जिसकी सूचना हमने तत्काल थाना अध्यक्ष को दी है।

इस मामले में जब प्रखंड विकास पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया । उन्होंने कहा कि प्रखंड के सभी पंचायतों में एक एक सरकारी भवन को चिन्हित कर कोरनटाईन भवन बनाया गया है जहां बाहर से आने वाले संदिग्ध मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अनुसार 14 दिनों तक कोरनटाईन में रहने की सलाह दी जा रही है और सभी पंचायत के मुखिया एवं उनके द्वारा प्रतिनियुक्त एक सौ भोलेंटीयर इस कार्य में जुटे होने की बात बताई ।  लेकिन जब जनप्रतिनिधि के आरोप व वास्तविक वस्तु स्थिति के बारे कहा गया तो उन्होंने गोल मटोल जवाब देते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है अगर इस तरह की बात होगी तो जांच कर आवश्यक कदम उठाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।बीडीओ से जब मंगलवार और बुधवार को अन्य प्रदेशो से आये लोगों के बारे में भी पूछा गया तो वो नही बता पाए.

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