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सौभाग्यवती महिलाओं ने किया वट सावित्री पूजन

महिलाओं ने पति की आयु लंबी और संतान सुख प्राप्त करने की कामना की

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कुमार साजन@चौसा,मधेपुरा. जिले  के विभिन्न वट वृक्षों के नीचे आज शुक्रवार को ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के अवसर पर महिलाएं वट सावित्री की पूजा की। सुबह से मंदिरों और वट वृक्षों के पास रौनक रही।जिले के विभिन्न चौंकों एवं चौसा प्रखंड कार्यालय,चौसा थाना,फुलौत ओपी स्थित मंदिर परिसर में वट वृक्ष के नीचे दर्जनों की संख्या में महिलाएं पूजा के लिए जुटी। इसके अलावे चौसा के विभिन्न वट वृक्ष में भी बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा के लिए जुटी दिखी ।

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सुधा गुप्ता,माला कुमारी कंचन,सुलेखा देवी, जुली कुमारी, निशा देवी,नीलू देवी,सावित्री देवी,नेहा कुमारी,खुशबू कुमारी ने बताया कि सुहागन स्त्रिया वट सावित्री व्रत के दिन सोलह श्रृंगार करके सिंदूर, रोली, फूल, अक्षत, चना, फल और मिठाई से सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा करती है। इस दिन व्रत रखकर वट वृक्ष के नीचे सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है और संतान सुख प्राप्त होता है। महिलायें प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार अपने पति के दीर्घजीवी होने के लिए बरगद के पेड़ की पूजा और व्रत करती है।

व्रतियों ने बताया कि इसी दिन सावित्री ने यमराज के फंदे से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। मूलत: यह व्रत-पूजन सौभाग्यवती स्त्रियों का है। इस दिन वट (बड़, बरगद) का पूजन होता है।इस  व्रत को स्त्रिया अखंड सौभाग्यवती रहने की मंगलकामना से करती हैं। वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा जी, तने में विष्णु और डालियों एवं पत्तों में शिव का वास है। इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा कहने और सुनने से मनोकामना पूरी होती है।

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