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जर्जर भवन में चल रहा है गम्हरिया डाकघर ,कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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राजीव कुमार/गम्हरिया ,मधेपुरा/ प्रखंड मुख्यालय स्थित डाकघर वर्षों से जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है अब तो आए दिन इसके छज्जे जगह-जगह टूट टूट कर गिर रहे हैं ।जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है ।डाक कर्मी भगवान भरोसे यहां कार्य करने को विवश हैं. डाकघर में कार्य करने वाले कर्मचारियों एवम डाक कार्य को लेकर आने वाले लोगों को बराबर भय बना रहता है ।कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है ।

बताते चलें कि डाक घर का उपडाकघर में उन्नयन 12-05-1992 को हुआ था।उस समय के तत्कालीन डाक महाघ्यक्ष श्री भगवान दास टेकरीवाल के द्वारा डाकघर का उद्घाटन किया गया था।उद्घाटन कार्यक्रम में अधीक्षक अभियन्ता अरुण कुमार वर्मा, आर्की टेक्ट के आर वोडाल, कार्यपालक अभियन्ता उदयकान्त मिश्र की उपस्थिति में संपन्न हुआ था। उप डाकघर के भवन बने करीब 28 वर्ष बीत गये।
आये दिन भवन की छत से चट्टान टूट कर गिरता रहता है.।उपडाकघर से डाक अधीक्षक सहरसा डाक अधीक्षक को इसकी लिखित जानकारी दी गयी है।लेकिन इसकी मरम्मती या तोड़ कर पुन: निर्माण की प्रकिया पर किसी भी तरह की पहल अब तक नहीं की गयी है।

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जल्द ही यदि इस ओर विभाग का ध्यान नहीं गया तो कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। आज से कुछ सालों पूर्व भूकंप के झटके से भी भवन क्षतिग्रस्त हुआ था। अप्रैल व मई माह 2015 में लगातार भूकंप के कई झटके आने से भवन में दरारें आ गयी है। हालांकि भवन तो पहले से ही क्षतिग्रस्त था।उप डाक घर का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। बरसात के दिनों में पानी टपकता है जिससे फाइल व कंप्यूटर को बचाना गंभीर समस्या बनी रहती है।

वही उपडाकपाल अधीक्षक प्रियतम कुमार ने बताया कि भवन क्षतिग्रस्त रहने के कारण बरसात के दिनों में कागजात एवं कंप्यूटर सहित बचाना गंभीर समस्या बनी रहती है. डाक कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में काम करने को मजबूर हैं. वहीं उन्होंने बताया इसके लिए कई बार वरीय पदाधिकारी
सहरसा डाक अधीक्षक को लिखित में दिया गया है.लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हुआ।

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