Kosi Times
तेज खबर ... तेज असर

- sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

पराली न जलाने हेतु जागरूक करने अब निकल गये है कृषि अधिकारी राजन बालन

- Sponsored -

- Sponsored -

प्रशांत कुमार

 

हमेशा अपने बेहतर कार्य के बदौलत चर्चा में रहने वाले बिहार के सुपौल आत्मा निदेशक राजन बालन एक बार फिर चर्चे में है.इससे पहले वो किसानो को मशरूम की खेती के लिए मशरूम बाबा बनकर जागरूक किया  और गीत के माध्यम से लोगों को उनके फायदे और किसानो के लिए आर्थिक फायदे को बताये जिससे आज कोसी क्षेत्र में मशरूम की अच्छी उपज किसान ले रहे है और खूब मुनाफा कमा रहा है.राजन बालन अब राष्ट्रिय मुद्दा बन चुका पराली पर काम शुरू कर दिया है.

श्री बालन अब ऑफिस से पूर्व का समय नियमित किसानों को दे रहे है.वो किसानो को पराली न जलने हेतु जागरूक कर रहे है और उनके नुक्सान को बता रहे है.पराली न जलने हेतु भी श्री बालन ने एक गीत की रचना किया है जिसे गाकर किसानो को सुनाते है और किसान को इसे नही जलाने का शपथ दिलाते है. हालाँकि बिहार में कम ही किसान इसको जलाते है लेकिन जो भी जलाते है वो अब नही जलाएंगे .

विज्ञापन

विज्ञापन

अपने गीत के माध्यम से आत्मा निदेशक किसानों को बताते है कि अगर वो पराली जलाते है उससे कई हानि है ,प्रथम खेत की उर्वरा शक्ति का नाश ,द्वितीय खेत के मिटटी में जो मौजूद जीवाणु होते है जो खेती के लिए अति महत्वपूर्ण है वो मर जाता है अर्थात खत्म हो जाता है और उससे भी किसान को हानी होता है,तृतीय सरकार द्वारा पराली जलने वाले किसानो को किसी भी तरह का अनुदान नही दिया जायेगा,चौथा आसपास का पर्यावरण ख़राब होगा फलस्वरूप सभी के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा.

बीते दिन आत्मा निदेशक राजन बालन अपने अतिरिक्त प्रभार वाले जिला मधेपुरा के सांसद आदर्श ग्राम बालम गढ़िया पहुंचे जहाँ वो किसानों के खेत पहुंचे जहाँ पूर्व से सैकड़ो किसान अपने खेत में मौजूद थे .मौके पर श्री बालन ने किसानो को पराली न जलाने हेतु जागरूक किया और पराली जलने के सभी हानि को बारीकी से बताया.

इससे पूर्व भी राजन बालन सरकार के कई योजना पर खूब काम किये है ओर खूब सफलता हासिल किये.किसानों को खेत में रासायनिक उर्वरक के प्रयोग से रोकने के लिए इन्होने वर्मी बाबा का रूप धारण किया ओर इस क्षेत्र में किसानो को वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करना और बनाना सिखया जिसका आज अच्छा असर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है.किसान खुद वर्मी कम्पोस्ट बना रहे है या वर्मी कम्पोस्ट खरीदकर उपयोग में ला रहे है.

अभी पराली न जलने हेतु जागरूक करने निकले राजन बालन बताते है कि किसान अज्ञानता में इसे जलाते है लेकिन इससे हानी बहुत है.अब इस क्षेत्र के किसान समझ रहे है जहाँ भी गया हूँ वो शपथ ले रहे है कि वो पराली नही जलाएंगे.गीत के माध्यम से जागरूक करने के सवाल पर कहते है कि किसान ओर महिला किसान ,वृद्ध सहित बच्चे भी गीत सुन आकर्षित होते है और गौर से सुनते है.गीत को जब वो सुनते है तो इसमें वो सारी बातें गीत में रहती है जो करना है ओर जो नही करना है इसलिए गीत के माध्यम से जागरूक करता हूँ और किसान इससे ज्यदा अच्छा तरीके से बात को समझते है.

 

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

आर्थिक सहयोग करे

ADVERTISMENT

ADVERTISMENT

Comments
Loading...