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गीत / गजल

तुम्हें पाने का ख्वाब

तुम्हें पाने का ख्वाब तुम्हें पाने का ख्वाब देख रहा हूं, यह हकीकत है या फसाना सोच रहा हूं। वर्षों ...

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नियति के आगे न किसी का चला है

नियति के आगे न किसी का चला है नियति के आगे न किसी का चला है न किसी का चलेगा। ...

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मेरी जिंदगी

मेरी जिंदगी मेरी जिंदगी अब डर नहीं मौत का अब जी लिया हूँ, तेरी हर सांस में। फिर वापस आ ...

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शिवम गर्ग की रचना-ये जो जलियांवाला बाग है ना

ये जो जलियांवाला बाग है ना, लिपटी है इसमें रक्त देशभक्तों का, महज़ जज़्बों से लड़े थे वो, था बुलंद ...

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गीतों की बस्ती का शहज़ादा

गीतों की बस्ती का शहज़ादा मैं गीतों की बस्ती का शहज़ादा, मैं राजकुमार। -2 मैं गीत बनाता, गीत ही गाता ...

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तुमने जो दिए हैं जख्म

तुमने जो दिए हैं जख्म देखता हूं तुझको तो फिर लेता हूं अपनी निगाहें कहीं पुरानी यादें ताजा ना हो ...

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गुमसुम शहर

गुमसुम शहर गुमसुम शहर है कैसी खबर है?         चेहरे पर तेरह बजा है       ...

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“बिहार की धरती”

बिहार की धरती चाणक्य आर्यभट्ट और अशोक गौरवान्वित हुआ समस्त भूलोक बौद्ध–जैन–सिख–नव अवतरण शिक्षा–ज्ञान का उदित संचरण दिनकर की कलम-राष्ट्र ...

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