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साहित्य

“वीर हैं हम”

वीर हैं हम वीर हैं हम–हरदम हैं तैयार– दिल हिंदुस्तान-मन शेर की दहाड़ परवाह हमें नही अपनी जान की आबरू ...

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“क्या कहती स्त्री की पीठ”

क्या कहती स्त्री की पीठ ऐ स्त्री तुम्हारे पीठ पर मैं लिखूँगा कामपूर्ति लिखूँगा और क्या लिखूँ मैं चरित्रहीन,कुलटा,डायन,वैश्या, और ...

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लाज बचा लो….अपने हिंदुस्तान की

लाज बचा लो….अपने हिंदुस्तान की जानते हो ग़र व्यथा स्वतन्त्रता संग्राम की लाज बचा लो भारतवासी अपने देश के नाम ...

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साहित्य में आज पढ़िए सलिल सरोज को ,ये धुँध छँट जाए तो फिर चेहरा देखना….

  ये धुँध छँट जाए तो फिर चेहरा देखना धूप सेंकता हुआ कोई चाँद सुनहरा देखना उनसे मिल आईं तो ...

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सफलता पाना है तो व्यवहार कुशल बनें

संजय कुमार सुमन  Sk.suman379@gmail.com जीवन में कभी-कभी आपको आक्रामक होना पड़ता है। इसका मतलब है आपमें भरपूर जोश हो, लेकिन ...

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“जीना मुश्किल-रहना मुश्किल”

जीना मुश्किल-रहना मुश्किल किससे कहना–क्या कहना छिपता-फिरता व्यवहार है नज़रें चुराते दिख रहे सब– क्या अंधों का संसार है–(?) मूकदर्शक ...

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“फीके से जज़्बात क्यूँ है”

फीके से जज़्बात क्यूँ है ऐसे ये हालात क्यूँ है फीके से जज़्बात क्यूँ है धीमी है आवाज़ दिल की ...

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“आओ हम खुद से ही प्यार करें”

आओ हम खुद से ही प्यार करें आओ दोस्तों मिल बैठ कर, हम सब बातें दो-चार करें; प्यार तो प्यार ...

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