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साहित्य

“आज इंसानियत शर्मसार है”

आज इंसानियत शर्मसार है आज इंसानियत शर्मसार है, क्योंकि “नारी सर्वत्र पूज्यते” कहने वाले देश की बहू बेटियां हीं बेबस ...

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आधुनिक समाज शिल्पियों की सफल कथा

आमतौर पर समाज के सतह पर होने वाले राजनीतिक परिवर्तन लोगों को सहज दिख जाते हैं लेकिन रचनात्मक कार्यों के ...

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समान शिक्षा संरचना के पक्षधर थे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद,क्या है व्यक्तिगत जीवन

अबुल कलाम आजाद, स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिये हर सार्थक प्रयास किये।यह ना केवल एक ...

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पत्रकारिता का उदभव व विकास

पत्रकारिता पहले मूलतः कोई स्वतंत्र व्यवस्था नहीं था, जैसा वह आज है। 17वीं और 18वीं शताब्दी की पत्रकारिता (जो खास ...

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छठ गीत डालते हैं लोक समाज में गहरे पैठ

नियम,निष्ठा,सादगी एवं असीम आस्था का पर्व छठ नहाय -खायके साथ शुरू हो गया।आगामी शनिवार को अस्तांचल सूर्य देव को अध्र्य ...

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“क्या है करवा चौथ व्रत का एतिहसिक और धार्मिक महत्व”

करवा चौथ की कहानी का बहुत महत्व हैं। करवा चौथ के दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के ...

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प्रिया सिन्हा की कविता “डर लगता है”

??”डर लगता है”?? इंसान को इंसान से डर लगता है, आखिर ना जाने क्यों उसे ? दुनिया जहान से डर ...

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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन को लेकर है संशय,दो अक्टूबर नही आठ जुलाई को है जन्मदिन

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन की सादगी देश के हर नेता के लिए उदाहरण रही। उनकी ज़िन्दगी ...

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