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अन्नप्रासन को लेकर महिलाओं में दिखा उत्साह

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सुभाष चन्द्र झा
कोशी टाइम्स @ सहरसा

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बुधवार को महिलाएं उत्साहित दिखीं. अपने बच्चे के बेहतर पोषण के लिए कुछ महिलाएं आंगनबाड़ी सेविका से सवाल पूछती भी नजर आई. पोषण उत्सव की तरह सभी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाएँ एवं गाँव की महिलाएं एकजुट दिखीं. यह अवसर था अन्नप्रासन आयोजन का जो प्रत्येक माह की 19 तारीख को सभी आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित की जाती है.6 माह पूरी होने पर बच्चों को स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार की जरूरत होती है. इस उद्देश्य के साथ इस दिवस का आयोजन होता है.

एक सुपोषित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में यह मील का पत्थर साबित हो रहा है. जिले के कोपा मुसहरी के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-33 पर भी अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया गया. पोषक क्षेत्र के 6 माह के शिशु को खीर खिलाकर इसकी शुरुआत की गयी. इस दौरान अन्य धात्री माताओं को भी पूरक पोषाहार के विषय में एवं साफ़- सफाई के बारे में जानकारी दी गयी. साथ ही धात्री माताओं को उबली हुई सब्जी, दलिया एवं अन्य पूरक आहार भी दिया गया.

अनुपूरक आहार की दी गयी पूरी जानकारी:

केंद्र की सेविका शोभा कुमारी ने बताया कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए 6 माह तक का सिर्फ स्तनपान एवं इसके बाद स्तन पान के साथ पूरक पोषाहार बहुत जरुरी होता है. 6 माह से 23 माह तक के बच्चों के लिए यह अति आवश्यक है. 6 से 8 माह के बच्चों को दिन भर में 2 से 3 बार एवं 9 से 11 माह के बच्चों को 3 से 4 बार पूरक आहार के साथ 12 माह से 2 साल तक के बच्चों को घर में पकने वाला भोजन भी देना चाहिए . इस दौरान शरीर एवं दिमाग का विकास तेजी से होना शुरू होता है. जिसके लिए स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की भी जरूरत होती है. उन्होंने बताया कि इसके लिए नियमित रूप से धात्री माताओं को इसके विषय में जानकारी दी जाती है एवं पूरक पोषाहार भी वितरित किया जाता है.पूरक पोषाहार है जरुरी

केयर इंडिया के ब्लॉक मनैजर अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के बेहतर पोषण के लिए पोषाहार वितरित किया जाता है. पूरक पोषाहार के विषय में सामुदायिक जागरूकता के आभाव में बच्चे कुपोषण का शिकार होते हैं. इससे बच्चे की शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी अवरुद्ध होता है एवं अति कुपोषित होने से शिशु मृत्यु दर में भी बढ़ोतरी होती है. इस दौरान आँगनवाड़ी केंद्र की सहायिका के साथ केयर इंडिया के अंकुर श्रीवास्तव, अन्य धात्री माताएं एवं शिशु उपस्थित थे.

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