Home » Recent (Slider) » नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर रंगकर्मियों ने किया भाव – विभोर

नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर रंगकर्मियों ने किया भाव – विभोर

Advertisements

मधेपुरा

 

साहित्य अकादमी नई दिल्ली एवं ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के संयुक्त तत्वधान में आयोजित दो दिवसीय विश्व परिवेश में मैथिली भाषा एवं साहित्य विषयक संगोष्ठी के समापन सत्र में सामाजिक, संस्कृतिक एवं साहित्य क्षेत्र की उन्रति में अनवरत क्रियाशील सृजन दर्पण के ऊर्जावान रंगकर्मियों ने मैथिल कोकिल महाकवि विद्यापति की रचना ‘उगना रे मोर कते गेला’ पर बेहतरीन नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया ।

शिवभक्त विद्यापति की भाव विह्वल दशा देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई। कुछ देर के लिए लगा जैसे चारों तरफ सिर्फ विद्यापति की करुणा पुकार हैं। आंँसू भरी आंखें ताली बजाने को मजबूर थी ।सबों ने एक साथ युवा रंगकर्मी की बेहतरीन प्रस्तुति को सराहा ।

नृत्य नाटिका की सूत्रधार मुन्नी कुमारी ने बताया कि विद्यापति हमारी संस्कृति के शास्त्रीय प्रवाह को लोक जीवन की ओर मोड़ दिया। विद्यापति के जीवत अभिनय में थे युवा रंगकर्मी विकास कुमार एवं उगना का किरदार निभा रहे थे सुमन कुमार जब की इस नृत्य नाटिका का निर्देशन पुष्पा कुमारी ने किया ।

मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर के पी यादव, डॉक्टर अमोल राय, डॉक्टर रविंद्र कुमार, सुशील कुमार ,मनीष कुमार एवं बड़ी संख्या में शिक्षाविद् मौजूद थे।

Comments

comments

Advertisements
x

Check Also

ब्रह्मपुत्र मेल के जेनरेटर कोच में लगी आग

शयामा नंद सिह भागलपुर भागलपुर मूगेर असम के डिब्रूगढ़ से चलकर पुरानी दिल्ली जाने वाली 14055 नम्बर की अप ब्रह्मपुत्र ...