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जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण का मांगा गया था जबाब,दसवें दिन बीत जाने के वावजूद नहीं दिया गया जबाब

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गौरव कबीर

उदाकिशुनगंज, मधेपुरा.

उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के जन वितरण प्रणाली दुकानदारों से प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राम कल्याण मंडल ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा था यह स्पष्टीकरण दुकानदारों के द्वारा बरती गई अनियमितता के खिलाफ 31 अगस्त को मांगी गई थी।जवाब नहीं देने पर आपूर्ति पदाधिकारी ने अनुज्ञप्ति रद्द करने की बात तक स्पष्टीकरण में कही थी। इसके बावजूद भी दुकानदारों के द्वारा दसवें दिन बीत जाने के बाद भी स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया है।

प्रखंड क्षेत्र के लगभग आधे से अधिक जन वितरण प्रणाली दुकानदारों से स्पष्टीकरण पूछा गया है।इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राम कल्याण मंडल से बात करने पर उन्होंने बताया कि अब तक दुकानदारों के द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।दुकानदारों के द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब दसवें दिन भी नहीं दिए जाने के संबंध में बात करने पर उन्होंने बताया कि यह स्पष्टीकरण की प्रक्रिया दुकानदारों को उचित समय पर आपूर्ति के लिए किया जाता है,ताकि दुकानदार उचित समय पर लाभुकों को खाद्यान्न की आपूर्ति करें।

आपूर्ति पदाधिकारी के जवाब से ही स्पष्ट होता है कि यह स्पष्टीकरण महज कागजी प्रक्रिया है।जमीन पर अनियमितता के बावजूद कार्य किया जाता है।उन्होंने यह भी कहा कि महीने के 23 तारीख से लेकर 30 तक लाभुकों के बीच राशन की राशन की आपूर्ति की जानी चाहिए ऐसा नहीं करने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं प्रखंड क्षेत्र के लाभुकों से बात करने पर आक्रोशित लहजे में बताया कि जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों के द्वारा महीने के 23 तारीख से लेकर 30 तारीख तक राशन की आपूर्ति नहीं की जाती है।अगले माह में पिछले माह के राशन का वितरण किया जाता है।जिससे दो से तीन माह का खाद्यान्न गपतगोल कर दिया जाता है।प्रत्येक लाभुकों से दुकानदारों के द्वारा प्रति किलोग्राम तीन से चार रुपये अधिक लिया जाता है।

राशन  में 500 सौ ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक की कटौती की जाती है।जो नियम के विरुद्ध है।लाभुकों के द्वारा पूछे जाने पर दुकानदारों के द्वारा यह कहा जाता है कि जहाँ जाना है जाओ हर पदाधिकारी कमीशन लेते हैं। सूत्र बताते हैं कि खाद्यान्न विभाग में अनुमंडल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कमीशन खोरी की जाती है।आवंटन होने के बाद वितरण से पूर्व ही अधिकारियों के द्वारा कमीशन काट लिया जाता है,जिस कारण  लाभुकों के खाद्यान्न की कटौती की जाती है।आवंटित किए गए राशन का वजन भी कम होता है।प्रत्येक बोरी में 4 से 5 किलोग्राम अनाज कम होता है।लाभुकों ने यह भी बताया कि उनके राशन कार्ड को यह कह कर रख लिया जाता है कि नया राशन कार्ड आ रहा है इसलिए पुराने राशन कार्ड को जमा किया जा रहा है।

लाभुकों के राशन कार्ड को जुलाई-अगस्त माह में ही दुकानदारों के द्वारा जमा करा लिया जाता है।ज्ञात हो कि उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के बराही आनंदपुरा जनवितरण प्रणाली दुकानदार गजेंद्र यादव,पिपरा करौती के जनवितरण प्रणाली दुकानदार रमेश यादव,अजय मंडल उर्फ अजय सिंह,अरुण चौधरी,रामपुर खोड़ा के जनवितरण प्रणाली दुकानदार नीरज कुमार सिंह,रामचंद्र चौधरी, गीता देवी राकेश सिंह गजेंद्र सिंह सहित कई दुकानदारों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रामकल्याण मंडल ने मामले में कहा कि लाभुकों के बीच नियमानुसार खाद्यान्न की आपूर्ति की जाए इसलिए स्पष्टीकरण पूछा गया है।अब तक स्पष्टीकरण का जबाब प्राप्त नहीं हुआ है।जबाब मिलने के पश्चात कार्यवाही की जाएगी।लाभुकों के द्वारा कम अनाज देने एवं अधिक मूल्य लेने की शिकायत नहीं मिली है।शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

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