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बायो फ्यूल इलाके को पर्यावरणिक रूप से मजबूती प्रदान करेगी-सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत

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कोसी टाइम्स प्रतिनिधि@सुपौल 

दूषित पर्यावरण से जूझ रहे लोगों के बीच बायो फ्यूल जिंदगी बनकर आयी है और सुपौल संसदीय क्षेत्र के रानीपट्‌टी गांव में इंडियन बायो फ्यूल काॅरपोरेशन द्वारा उत्तर बिहार का पहला प्रदूषण मुक्त बायो डीजल पंप का शुभारंभ इलाके को पर्यावरणिक रूप से मजबूती प्रदान करेगी।

उक्त बातें सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत ने मंगलवार को मधेपुरा जिले के कुमारखंड के रानीपट्‌टी गांव में मेसर्स आदित्या बायोकेयर डीजल पंप उद्घाटन समारोह के मौके पर कही। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह का पंप खुलने से जहां प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं लोगों को कम दाम पर डीजल मिलने से किसानों के लिए भी राहत होगी। उन्होंने कहा कि आज जब डीजल और पेट्रोल के दाम से कम कीमत यह बायो डीजल उपलब्ध होगा। उन्होंने इस मौके पर आदित्य बायोकेयर के संचालक अपूर्व सेतु को इसके लिए शुभकामना भी दी।

उपस्थित इंडियन बायो फ्यूल कॉर्पोरेशन के निदेशक संजीव कुमार ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार कई तरह से प्रयत्न कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बायो डीजल इंजन को व्यवहार लाने के लिए सरकार लगातार लोगों को जागरूक कर रही है।बायो डीजल आने वाले समय में धरती कि हरियाली बचाने के लिए कारगर साबित होगी। यह डीजल पूरी तरह से प्रमाणित हो चुकी है। किसी भी संशय के बिना ग्राहक इसे खरीद कर इसका उपयोग करें। बायो डीजल सामान डीजल से 2 रूपया सस्ता के साथ 20 फीसदी अधिक माईलेज देगा। इस ईंधन में न सिर्फ कार्बन डाइ आक्साइड का उत्सर्जन 15 फीसद कम होगा, बल्कि सल्फर डाइआक्साइड  की मात्रा की सामान्य ईंधन की अपेक्षा न के बराबर रहेगी।निदेशक संजीव कुमार ने बायो फ्यूल पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि ईंधन के बिना धरती बिलकुल अँधेरी हो जाएगी। जीवन कुछ इस कदर बदलेगा कि कोई सोच भी नहीं सकता। हालांकि माना जाता है कि इस अँधेरे से धरती को ‘बायोफ्यूल’ बचा सकता है।अगर आप सोचते हैं कि बायोफ्यूल आज-कल में आई कोई चीज है, तो आप गलत हैं। माना जाता है कि जब से गाड़ियाँ प्रचलन में आई हैं तब से ही बायोफ्यूल भी प्रसिद्ध हुआ।दुनिया से ईंधन दिन ब दिन खत्म हो रहा है। ऐसे में कई देशों ने भविष्य को सोचकर बायोफ्यूल को अपनाना शुरू कर दिया है ।वनस्पतियों से उत्पादित ईन्धन को बायोफ्यूल कहा जाता है। उन्होंने पूर्णिया जिला में इसके लिए 50 लाख लीटर क्षमता का डिपो भी स्थापित होने की बात कही।

मौके पर उपस्थिति विशिष्ट अतिथि सहरसा जिला परिषद उपाध्यक्ष छत्री यादव ने कहा कि इस देहाती क्षेत्र में बायो डीजल किसानों को उपलब्ध कराना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे किसानों को रुपये की बचत तो होगी ही साथ ही साथ माइलेज में बढ़ोतरी होगी। वहीं सभा को संबोधित करते हुए पंप के प्रोपराइटर अपूर्व सेतु ने कहा कि किसानों को कम दाम पर डीजल मिले और प्रदूषण नियंत्रण हो इसके लिए हमलोगों ने इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में यह पहल की है। इससे यहां को लोगों को काफी फायदा मिलेगा।

मौके पर इंजीनियर अमित प्रसाद, इंडियन बायो फ्यूल कॉर्पोशन के एचआर मैनेजर प्रीती कुमारी, सीए राजेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक हिमांशु शेखर, इंजीनियर अमित कुमार, सेल्स एक्सक्यूटिव मनीष कुमार, रविन्द्र कुमार, अभिमन्यू कुमार, सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद थे।

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