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भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में “बीट ऑफ पोल्यूसन” विषय पर कार्यशाला आयोजित

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कोसी टाइम्स प्रतिनिधि@मधेपुरा

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय लालू नगर मधेपुरा के उत्तरी परिसर स्थित रसायन शास्त्र विभाग के कांफ्रेंस हॉल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “बीट ऑफ पोल्यूसन” जो इस वर्ष के पर्यावरण का थीम भी है, विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसका उद्घाटन वित्त परामर्सी डॉक्टर एससी दास, साहित्यकार व समाज सेवी डॉक्टर भूपेंद्र मधेपुरी, डीएसडब्लू डॉट शिव मुनि यादव, सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉ एचएलएस जौहरी,पूर्व प्रधानाचार्य डॉक्टर सुरेश प्रसाद यादव, रसायन शास्त्र विभागध्यक्ष डॉ कामेश्वर कुमार, काउंसिल ऑफ केमिकल साइंस के सचिव डॉक्टर नरेश कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात रसायनशास्त्र विभाग के छात्रों के द्वारा तमाम अतिथियों का स्वागत गमला युक्त पौधा देकर किया गया।

उसके बाद धीरज कुमार के द्वारा स्वागत गीत “अवनी के इस् आंगन में” गा कर स्वागत किया गया। जिसे अतिथियों ने खूब सराहा। उसके बाद स्वागत भाषण सीसीएस  सचिव डॉक्टर नरेश कुमार ने देते हुए कहा कि हमारा पर्यावरण बहुत ही तेजी से खराब हो रहा है जिस के लिए जरुरत है, बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाने की। वक्त आ गया है बोलने नहीं कुछ करने का, कुछ कर दिखाने का। पेड़ लगाने का। और उस कड़ी में हमारा मिशन” माय अर्थ माय बर्थ” युद्ध स्तर पर प्रयास रत है। मधेपुरा के पर्यावरण में नार्थ केंपस का बहुत बड़ा सहयोग है। यहां शिक्षक व छात्र गण अपने जन्मदिन के अवसर पर बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाते हैं ।
डॉ एस सी दास ने डॉ नरेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि यह परिसर माय बर्थ माय अर्थ एवं आपके द्वारा काफी हरा-भरा दिख रहा है ।जरुरत है और बेहतर बनाने की। हम आप सब को इस कार्य के लिए बधाई देते हैं।
डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी ने पर्यावरण के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हम छोटी छोटी बातों को ध्यान में रखकर भी पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं ।पर्यावरण को दूषित करने में जनसंख्या विस्फोट का बहुत बड़ा हाथ है। संसाधन हमारे पास सीमित है हमें इसका सदैव सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम डॉ राजेंद्र प्रसाद सहित विभिन्न महापुरुषों करते हुए छात्रों को समझाया । डॉक्टर शिव मुनि यादव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया लेकिन सन 1974 ईस्वी से मनाया जाने लगा ।हमारे देश में पहले दो तिहाई भाग पर वन था लेकिन आज केवल 27 प्रतिशत भाग पर जंगल है। यह भी कहा जो भी छात्र स्नातकोत्तर में नामांकन ले वह निश्चित रुप से इस परिसर में एक वृक्ष अपने नाम का जरुर लगाएं।

डॉ बिजेंदर प्रसाद यादव ने कहा कि हर बच्चे के जन्म के बाद छठी के दिन निश्चित रुप से पेट लगाएं उन्होंने कहा कि 10000 माहोगनी का पेड़ अपने विश्वविद्यालय में लगाएंगे ।छात्रों से अपील की कि वह नियमित कक्षा में आए और पर्यावरण को बचाने में अपनी महती भूमिका अदा करें। डॉ एचएलएस जौहरी ने कहा कि कोई भी दिवस तब मनाते हैं जब खतरे में होता है। या दिवंगत होता है। कहा कि हमारा पर्यावरण भी खतरे में है। उन्होंने संजय गांधी के बारे में कहा कि वे कहा करते थे कि एक व्यक्ति अपने जीवन में चार पेड़ कम से कम जरुर लगाएं।

कार्यक्रम के दौरान खेल प्रशिक्षक शिक्षक संत कुमार एवं रसायन विभाग के छात्र चंदन कुमार, जिन्होंने नेट जे आर एफ पास किया है उन्हें भी गमला युक्त पौधा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में और भी लोगों ने अपनी अपनी बात रखी पर्यावरण को बचाने की अपील भी की। अंत में नेहा सिंह के द्वारा स्वरचित कविता विध्वंस शीर्षक से सुनाई।उक्त कार्यक्रम में कौसिल मेमबर माधव कुमार, बिट्टू कुमार, धीरज कुमार, मुन्नी कुमारी, सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र व अध्यापक मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद परिसर में दर्जनों पौधे व पेड़ लगाए गए।
इस दौरान एक छात्रा का जन्मदिन भी था। केक काटकर व पेड़ लगाकर सभी शिक्षक और छात्रों ने एक साथ उनका जन्मदिन मनाया और जन्मदिन की बधाई व शुभकामनाएं भी दी । डॉक्टर नरेश कुमार ने पर्यावरण दिवस और उनके जन्मदिन को इत्तेफाक बताया जन्मदिन की बधाई व शुभकामनाएं दी।

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