Home » Recent (Slider) » बाबा विशु राउत मेला:देवघर की तरह अद्धरात्री से ही मंदिर दुध चढ़ाने के लिए लगती है लम्बी लाईन

बाबा विशु राउत मेला:देवघर की तरह अद्धरात्री से ही मंदिर दुध चढ़ाने के लिए लगती है लम्बी लाईन

Advertisements

**चरवाहों का तीर्थ स्थल के रूप प्रसिद्ध है चरवाहा धाम

**अंगप्रदेश और कोशी सीमावर्ती मधेपुरा जिले चौसा में है बाबा की धाम

नौशाद आलम

चौसा,मधेपुरा 

चरवाहों का तीर्थ स्थल चरवाहा धाम ने दूसरे दिन मेले में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। यहां मंदिर से 3 किलोमीटर दूर से ही लोग लम्बी कतार में 14 से 17अप्रैल को दुग्धाभिषेक करने लोग बाबा की आस्था में डूबे रहै। अंगप्रदेश और कोशी के सीमावर्ती मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड अंतर्गत लौआलगान में स्थित पशुपालको के तीर्थ नगरी पचरासी परिचय का मुहताज नहीं रह गया है। हर्ष की बात तो यह है कि धूल – धूसरित आधुनिकता से कोसों विसरित इस भु-भाग स्थल उदयमान सूर्य की भॉति विश्व भर में प्रकाश फैलाने के आस्था,लोक संस्कृति,साहित्य,परंम्परा का उदाहरण दे रहे है।बाबा विशुराउत पशुपालको के प्रति आगाढ़ श्रद्धा के कारण आज भी उनकी महत्व रहस्यमयी घटनाएं से लोगो को आस्था की अपनी आर्कषित करती है।बाबा विशुराउत की धरती की मिट्टी और भभुत लेने के लिए लोग लम्बी कतार में घंटो इंतजार कर रहे है। ऐसे मान्यताएं है बाबा के समाधि की भभूत पशुओ के रोग में रामवाण दवा के रूप में सफल प्रयोग में पशुपालक सालो भर इसे प्रयोग में लाते है।

बाबा की महिमा आज तक रहस्यमयी चमत्कार को आस्था के प्रति अपनी ओर आर्कषित करती है। इसलिए नेपाल के रामेश्वर प्रसाद,गुजरात के नागों यादव, झारखंड के गोपाल यादव,यूपी के कृष्णा प्रसाद रॉ,पश्चिम बंगाल के हिमेश नारायण ने पचरासी दुग्धाभिषेक के बताया कि हमलोग प्रत्येक वर्ष बाबा के समाधि पर दुध चढ़ाने के लिए एक दिन पूर्व से घर से तैयार होकर चल देते है। इतना बाबा विशु के जन्म नगरी भागलपुर जिले के भिट्ठी सवौर,कटिहार,बरौनी,थाना बिहपुर,नवगछिया,बांका,जमुई,बेगुसराय,खगड़िया,सर्हषा,सुपौल,पूर्णिया,अररिया सहित दूर दूर से पशुपालक पहले दिन के मेले में पहुॅचे हुये थे। कोसी टाइम्स से एक मुकालत में वहां के पशुपालक ने बताया कि इस मंदिर में सदियों से ऐसी मान्यताएं है कि मंदिर में चढाये जाने वाली आस्था व निष्ठा के साथ दूर से लाया गया दूध कई दिनो तक खराब नहीं होता है। बाबा का सबसे प्रिय चढ़ावा दूध,गांजा,बताशा बतलाया जाता है। पशुपालको ने बताया कि उनलोगो के दुग्धभिषेक पूजन करने से उनके सभी पशु एक वर्ष तक निरोग रहकर अच्छी दुध करते है बाबा विशु से श्रद्धा भाव से मांगी गयी कोई चीज भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

बाबा विशु राउत मेले में दूसरे दिन उमरे श्रद्धालु,जाम से रहे परेशानी

चौसा प्रखण्ड के बाबा विशुराउत राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की जनशेलाब उमर गया। श्रद्धालु की जनशेलाब के कारण वाहनों का जाम की समस्या बनी रही,जिस कारण की तपिश भरी गर्मी में लोगो को खासे परेशानी का सामना करना पड़ा। अन्य राज्यों से आए हुए भक्तों ने बाबा के मंदिर में दूध चढ़ाकर अपने पशु के स्वस्थ रहने और वंश वृद्धि की कामना की।

श्रद्धालुओं के द्वारा चढ़ाई के दूध से मंदिर के चारों ओर दूध की धारा निकल गई। जबकि आसपास के लोगों ने बाबा के मंदिर में चढ़ाएं के दूध को बाल्टी गैलन व अन्य बड़े बड़े बर्तन में भर भर कर दूध को इक्क्ठा करने में लगे रहे ।बावजूद भी दूध की अविरल धारा से वहां की धरती पूरी तरह से गीली हो गई। मेले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन, डीएसपी सीपी यादव,
बीडीओ शिल्पी कुमारी बेध्या, सीओ आशुतोष कुमार,थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल,एसआई भूपेंद्र प्रसाद,एएसआई हबीब उल्लाह अंसारी ,ग्रामीण पुलिस मृत्युंजय कुमार समेत अन्य सुरक्षा कर्मी व पदाधिकारी मेले में लगातार तैनात रहे।

Comments

comments

Advertisements
x

Check Also

बाबा भोलेनाथ की नारा से गूंज उठा गम्हरिया

    राजीव कुमार कोसी टाइम्स ,@ गम्हरिया , मधेपुरा. सावन की पहली सोमवारी से एक दिन पहले रविवार को ...