ब्रेकिंग न्यूज़

Home » Breaking News » ‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाने से किया इंकार, भोजपुरी अश्लीलता के अंधर में एक उम्मीद है प्रभाकर

‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाने से किया इंकार, भोजपुरी अश्लीलता के अंधर में एक उम्मीद है प्रभाकर

Advertisements

रविकांत कुमार । कोसी टाइम्स.

भोजपुरी भाषा में गाने वाले कई स्वनामधन्य गायकों ने देश दुनिया में अश्लीलता की दुर्गन्ध फैला रखी है। लेकिन अश्लीलता की इस भोजपुरिया आँधी में भी कुछ कलाकार ऐसे हैं, जो रात दिन बिना किसी यूट्यूबी व फेसबुकिया व्यू की परवाह किये बगैर भोजपुरी की पुरानी प्रतिष्ठा को देश दुनिया में स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में एक नाम प्रभाकर पांडेय का आता है। भोजपुरी जगत के प्रतिष्ठित गायक प्रभाकर पांडेय का एक वीडियो इन दिनों ख़ूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक न्यूज़ चैनल के होली मिलन शो का है, जिसमें भोजपुरी जगत के युवा व सम्मानित गायक प्रभाकर पांडेय को बुलाया गया था। वीडियो में एंकर द्वारा प्रभाकर पांडेय से ‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाना गाने को कहा जा रहा है। शो के दौरान प्रभाकर ने अपनी मीठी आवाज़ से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसी बीच शो में दर्शकों ने उनसे ‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाना गाने का निवेदन किया, जिसे प्रभाकर से विनम्रता से ठुकरा दिया।

प्रभाकर ने दर्शकों से निवेदन करते हुए कहा कि ‘लॉलीपॉप लागेलू’ एक अश्लील गाना है। इस गाने में महिलाओं का अपमान किया गया है। महिलाओं को लॉलीपॉप कहा गया है। मैं महिलाओं का सम्मान करता हूं। इसलिए ये गाना नहीं गा सकता हूं। प्रभाकर के मना करने पर दर्शकों ने ताली बजाकर उनका साथ दिया।

इस वीडियो को भोजपुरी फ़िल्म निर्देशक नितिन चंद्रा ने अपने फ़ेसबुक वॉल पर शेयर किया है। बता दें कि नितिन चंद्रा को उनकी फिल्म ‘मिथिला मखान’ के लिए नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। नितिन चंद्रा भी भोजपुरी में अश्लीलता को दूर करने का अथक प्रयत्न कर रहे हैं। नितिन भोजपुरी जगत के ऐसे सिपाही हैं, जो माटी की ख़ुश्बू को पूरी दुनिया में महका रहे हैं।

प्रभाकर की उम्र महज़ 22 साल है, मगर सोच बहुत बड़ी है. अपनी मेहनत और अपनी आवाज़ के दम पर भोजपुरी को एक अलग मुकाम देना चाहते हैं। भोजपुरी जगत का हर गायक अपनी पहचान के साथ पैसे कमाना चाहता है, मगर प्रभाकर अपनी बोली की इज़्ज़त चाहते हैं। उनका सपना है कि भोजपुरी एक प्रतिष्ठित और सम्मानित भाषा बने।

कोसी टाइम्स से बातचीत के दौरान प्रभाकर ने बताया कि पूरी दुनिया में हिन्दी से ज्यादा भोजपुरी बोली जाती है। विश्व में 10 ऐसे देश हैं, जहां भोजपुरी की अपनी पहचान है। भोजपुरी का जन्म भारत में हुआ है। अगर भारत में ही अश्लीलता होगी तो इसे लोग कम पसंद करेंगे और विदेशों में ग़लत संदेश जाएगा। आज हर इंडस्ट्री की पहचान उसकी कला से है, मगर दुर्भाग्य है कि भोजपुरी की पहचान अश्लीलता से है।

सार्वजनिक मंच पर प्रभाकर ने अश्लील गाना गाने से मना करके भोजपुरी समाज को एक संदेश दिया है। साथ ही साथ बड़े कलाकारों को जता दिया है कि अश्लील के बिना भी कलाकार की पहचान बन सकती है।

Comments

comments

Advertisements
x

Check Also

सहरसा:हम सेकुलर ने दिया एक दिवसीय धरना, राज्यपाल के नाम 11 सूत्री मांगों का डीएम को दिया ज्ञापन

सुभाष चन्द्र झा कोसी टाइम्स@सहरसा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर जिला इकाई के तत्वावधान में सोमवार को राज्य व्यापी आह्वान पर ...