Home » Breaking News » BNMU कुलपति व पदाधिकारियों पर पक्षपात का आरोप, मामला राष्ट्रपति तक पहुँचा

BNMU कुलपति व पदाधिकारियों पर पक्षपात का आरोप, मामला राष्ट्रपति तक पहुँचा

प्रशांत कुमार  । कोसी टाइम्स

प्रतिभावान छात्रों के अरमानों का गला घोंटने के लिए मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय की ख्याति राष्ट्र स्तर पर है। लेकिन छात्रों की दुविधा है कि वे शिकायत करें तो करें आखिर किससे, क्योंकि यहां हर दरवाजा बहरा है और कुलपति के चारों ओर घाघ प्रोफेसरों-पदाधिकारियों का पहरा है।कई आरोपों को झेल रहे मंडल विवि का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। अब बीएनएमयू के एक पूर्व छात्र प्रियतम कुमार प्रिय ने बी एन मंडल विवि के कुलपति समेत अन्य पदाधिकारियों पर राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के लिए प्रतिभागियों के चयन में पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र ने इस संबंध में राष्ट्रपति को आवेदन दे कर न्याय की गुहार लगायी है। मामला कुछ इस तरह है कि विश्वविद्यालय कैंपस में राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव में प्रतिभागियों को भेजने के लिए 24 जनवरी को जिला स्तर पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जहाँ से जिला स्तर से तीन प्रतिभागियों को चुनकर राज्य स्तर पर भाग लेने के लिए भेजना था। वहीं 6 फ़रवरी को राज्य स्तर पर चयन के बाद राष्ट्रिय स्तर पर 28 फरवरी को आयोजित होने वाले वाद विवाद प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए भेजा जाता।

बिहार के मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय अपने स्थापना काल से हीं कोसी के हजारों हौनहार छात्रों के सपनों को रौंदते आ रहा है। पीड़ित छात्र प्रियतम प्रिय का आरोप है कि जिला स्तर पर आयोजित इस वाद विवाद प्रतियोगिता में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने मुँह देखकर मिठाई बाँटने का काम किया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के निर्णायक मंडली के सदस्यों ने आपसी मिलीभगत से उस छात्र को सर्वाधिक अंक दिया गया जो इसके काबिल तो कतई नहीं था, वहीं योग्य होते हुए भी उनका चयन राज्य स्तर पर 6 फ़रवरी को आयोजित होने वाले वाद विवाद प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए नहीं किया गया।

बी एन मंडल विश्वविद्यालय कैंपस में निर्णायक मंडल के पक्षपातपूर्ण रवैये से आहत प्रियतम प्रिय ने 28 जनवरी को कुलपति व 30 जनवरी को प्रति-कुलपति के पास न्याय की गुहार लगाते हुए इस संबंध में आवेदन दिया। पीड़ित छात्र ने बताया कि प्रति-कुलपति महोदय ने उनको 31 जनवरी की शाम 7 बजे बुलाकर इंटरव्यू लेने की बात कही। लेकिन 31 जनवरी को मुझे नहीं बुलाया गया। आगे उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को मैंने कुलपति महोदय से मिलने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन मुझे उनसे नही मिलने दिया गया। तत्पश्चात मैं उनके गेट के सामने 3 घंटे खड़ा रहा। जब कुलपति महोदय भूपेंद्र बाबू के जयंती समारोह में जाने के लिए निकल रहे थे तब मैंने उनसे न्याय की गुहार लगाई। लेकिन मुझे वहाँ से डांट डपट कर भगा दिया गया।

कुलपति व प्रतिकुलपति को भेजे गए अपने आवेदन में प्रियतम ने सर्वाधिक अंक से चयनित छात्र को चुनौती देते हुए कहा है कि सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र के साथ खुली वाद विवाद करवाई जाय। लेकिन उसकी एक नही सुनी गईं। वे आज भी सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र को चुनौती देते है और कुलपति की उपस्थिति में खुली वाद विवाद आयोजित करनवाने की बात कर रहे हैं।

इस मामले को लेकर पीड़ित छात्र ने अपनी गुहार भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास लगायी है। प्रधानमंत्री कार्यालय से पीड़ित छात्र को एक नियत समय भी दिया गया है कि अमुक दिन उनको बुलाकर उनसे चर्चा किया जायेगा.  छात्र को अब राष्ट्रपति से ही आखिरी उम्मीद है। लेकिन सवाल उठता है कि विवादों से बीएन मंडल विवि का साथ कब छूटेगा ? व्यवस्था सुधार व निष्पक्षता को लेकर बीएन विश्वविद्यालय प्रशासन व कुलपति भले ही बड़े बड़े दावे करते हो पर हकीकत यहीं है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कोसी के हजारों छात्र-छात्राओं के सपनों को रौंदकर मंडल मसीहा के नाम को मलीन करने पर तुला हुआ है।

‘हरि अनंत, हरि कथा अनंता’ की तरह बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों की कारगुजारी देखकर स्वर्ग में महान समाजसेवी व मनीषी भूपेंद्र नारायण मंडल भी अपना माथा पकड़ कर रोते होंगे कि जिस नाम पर जीते जी कोई कलंक नहीं लगा ,उनके उस नाम को मलीन करने के लिए विवि प्रशासन के पदाधिकारी कैसा-कैसा काम कर रहे हैं!

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कई बार ‘थाली पीटो’ व ‘सद्धबुद्धि हवन’ जैसे कार्यक्रम किये जा चुके हैं। मंडल विवि प्रशासन की कारगुजारियों से आजिज बिहार के बाहर रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई संयमवान छात्र तक अब यह कहने लगे हैं कि थाली पीटने की बजाय विवि के पदाधिकारियों पर क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ।

Comments

comments

x

Check Also

“बिहार की धरती”

बिहार की धरती चाणक्य आर्यभट्ट और अशोक गौरवान्वित हुआ समस्त भूलोक बौद्ध–जैन–सिख–नव अवतरण शिक्षा–ज्ञान का उदित संचरण दिनकर की कलम-राष्ट्र ...