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हाय रे जमाना : मुर्दा भी बैठक में हो गया शामिल ,ग्रामीणों ने लगाया साठ हजार घुस लेने का आरोप

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रविकांत कुमार

मुरलीगंज,मधेपुरा.

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत गंगापुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में फर्जी तरीके से बिना आम सभा के आशा कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में धांधली का मामला प्रकाश में आया है ।मुखिया द्वारा फर्जी आमसभा कर मुर्दे का भी हस्ताक्षर आमसभा में उपस्थिति का कर दिया गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत गंगापुर पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 149 के पोषक क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता की बहाली होनी थी जिसमें आनन-फानन में बिना आम सभा के चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई और लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं हुई कि उनके हस्ताक्षर भी फर्जी कर लिए गए हैं ।इस बात का खुलासा तब हुआ जब टीकाकरण की कार्य प्रारंभ हुई और नव चयनित आशा कार्यकर्ता सुमन कुमारी के द्वारा टीकाकरण सर्वेक्षण किया जाने लगा तो अन्य आवेदक के द्वारा आपत्ति जताई गई और बताया गया कि बिना आम सभा के आशा का  चयन हुआ है ।

इस संबंध में स्थानीय कुमार रश्मि रंजन ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और मुरलीगंज चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी को आवेदन देकर इस मामले से अवगत कराया किंतु कोई भी कार्यवाही नहीं होने के कारण मंगलवार को स्थानीय ग्रामीण एकत्रित होकर आक्रोश प्रकट किया। इस मामले को लेकर पड़ताल किया तो मामले में पता चला कि मुखिया पति के द्वारा जिन जिन व्यक्तियों के आम सभा में उपस्थित होने एवं उनके हस्ताक्षर की बात कर रहे हैं दरअसल उसमें अधिकांश लोगों ने  बताया कि आशा चयन प्रक्रिया को लेकर कभी कोई आमसभा हुआ ही नहीं यहां तक की इस मामले में कई ऐसे हस्ताक्षर सामने आए जिनकी पड़ताल करने पर संबंधित व्यक्ति ने बताया कि ना आम सभा हुई है और ना ही मैंने कोई दस्तखत किया है .उनसे पूछे जाने पर कि आखिर यह हस्ताक्षर किसने की हैं तो उन्होंने आरोप लगाया है कि मुखिया के द्वारा फर्जी दस्तखत किया गया है और तो और हैरत करने की बात तो तब सामने आई जब मुर्दे को भी कागजों पर जिंदा किया गया ।

आपको सुनकर अटपटा लगा होगा लेकिन यह बात सच है ।स्थानीय रोहित मंडल की मौत 2 वर्ष पूर्व ही हो गई थी। मुखिया पति के द्वारा पेश किए जा रहे आम सभा की दस्तखत पंजी में रोहित मंडल की भी दस्तखत हैं जबकि 2 वर्ष पूर्व ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। उनकी पत्नी ने  रोहित मंडल के मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिखाया है।

ठीक वही अन्य नाथू मंडल जिनकी मौत लगभग 30 वर्ष पूर्व में ही हो चुकी थी उनका भी नाम तथाकथित तौर पर फर्जी आमसभा के हस्ताक्षर पुस्तिका में शामिल हैं जबकि ग्रामीणों ने बताया कि नाथो ततमा वहां लिखा गया है जबकि वह नाथो मंडल हैं और उनकी मृत्यु लगभग 30 वर्ष पहले हो चुकी है ।साथ ही ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रोहित मंडल और नाथो ततमा नाम के अन्य कोई दूसरा व्यक्ति वहां उस गांव में नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि फर्जी तरीके से सिर्फ कागजों पर ही आम सभा की गई है और लोगों के हस्ताक्षर किए गए हैं ।इतना ही नहीं इन सभी मामले में एक ऑडियो भी हाथ लगी है जिस ऑडियो में बीसीएम राजू कुमार ने बताया है कि गंगापुर मुखिया के द्वारा ₹60000 लेकर बहाली करवाई गई है जिसमें ₹10000 पीएचसी प्रभारी डॉ संजीव कुमार को दी गई है और ₹2000 मुझे यानी बीसीएम राजू कुमार मुरलीगंज को दिया गया है।

हालांकि ऑडियो की पुष्टि मैं नहीं करता हूँ लेकिन कुमार रश्मि रंजन के द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो उन्होंने बीसीएम से वार्तालाप के दौरान रिकॉर्ड किया था।

सथानीय बेचनी देवी ने अपने पति रोहित मंडल के मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाते हुए बताया कि उनकी मृत्यु दो वर्ष पहले हो चुकी है तो उनके दस्तखत का सवाल ही नही उठता है। वही स्थानीय रेनू देवी ने बताया कि कभी भी आशा बहाली के लिए बैठक नही किया गया है। वही गीता देवी ने भी बताया कि हमलोंगो को कुछ भी पता नही है बिना आमसभा का चयन किया गया है।

स्थानीय कृष्ण कुमार मंडल ने बताया की बिना आम सभा का चयन किया गया है और इसमें ऐसे बहुत नाम है जो फर्जी है जैसे मेरे दादाजी जो करीब 30 वर्ष पहले ही गुजर चुके है । स्थानीय सुरेंद्र यादव ने बताया कि बिना आम सभा के आशा की बहाली की गयी है उन्होंने मुखिया पर आरोप लगाते हुए कहा की हमारी भी बहु आवेदन दी थी हमे मुखिया ने कहा 50 हजार रुपया दीजिये तो बहाली हो जायेगी । हम गरीब आदमी कहाँ से इतना रुपया देंगे अंत में वही हुवा रुपया नही हुआ बहाली नही हुआ।

वही सुधीर शर्मा ने कहा की हम डेढ़ साल से बहार में रोजगार के सिलसिले में थे जब 9 फरबरी को घर आये तो देखे की उसमे मेरा भी दस्तखत था। लेकिन हम तो थे ही नही अब ये जैसे हो वो फर्जी दस्तखत है इसकी जांच होनी चाहिए। 75 वर्षीय जामुन यादव ने बताया कि हमलोंगो को पता भी नही चला की कब बहाली हुई है । वो जब बच्चो के टीकाकरण के लिए आई तो पता चला की आशा में सुमन कुमारी की बहाली हुई है। बाद में पता चला की मेरा भी फर्जी दस्तखत किया गया है। इस समंध में वार्ड सदस्य मीणा देवी ने कहा कि आम सभा नही हुई थी , आमसभा के पहले ही हंगामा हो गया था ।

इस समंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी ने बताया कि आपत्ति परिवाद प्राप्त हुआ है यह मामला चिकित्सा पदाधिकारी के कार्य क्षेत्र का है इस लिए स्पष्ट प्रतिवेदन के लिए पीएचसी भेजा गया है । प्रतिवेदन आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस समंध में चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार से जानकारी लेने के लिए पीएचसी पहुँचे तो कार्यालय बंद था पता करने पर मालूम हुआ की वो मधेपुरा मीटिंग में गये हुवे है । दूरभाष पर उनसे सम्पर्क नही हो पाया ।

इस समंध में जब मुखिया सुधा देवी से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया । हालाँकि दो तीन घंटे बाद मुखिया पति वीरचंद मंडल उर्फ़ मूलचंद मंडल ने फोन कर बताया कि वहाँ आम सभा कर शैक्षणिक वरीयता के आधार बहाली की गयी है  और 60 हजार रूपये रिश्वत की बातों को नकारते हुवे गोलमटोल जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नही है।

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