Home » जिला चुनें » अररिया » रवीश रमन रचित कविता ●”मज़हबी रंग”
रवीश रमन,फारबिसगंज

रवीश रमन रचित कविता ●”मज़हबी रंग”

Advertisements

“मज़हबी रंग”

कभी-कभी अजीब लगता है
देख कर हो जाता हूं दंग
मजहब बताने लगा है
हमारा और तुम्हारा रंग

देखो कहते है कितनी
अकड़ और शान से हम
भगवा हो गए हो तुम
हरा रंग है हम

भूल गए बचपन के दिन
खेला करते थे संग
न था कोई हमारा मज़हब
न था कोई हमारा रंग

सोचो अपने देश की
देखो प्रकृति के रंग
कुछ नही होता दोस्त
हमारा और तुम्हारा “मज़हबी रंग”

लेखक- रविश रमण

पिता-महावीर प्रसाद
पता – हाई स्कूल रोड,वार्ड नो.-20,फारबिसगंज ,अररिया ,बिहार

Comments

comments

Advertisements
x

Check Also

अररिया : जन्माष्टमी के पावन अवसर फारबिसगंज में रौनक बढ़ी

मिसबाहुल इस्लाम@कोसी टाइम्स, फारबिसगंज शुक्रवार को होने वाली जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में काफी चलपहल देखा गया।लोगो ने जम के ...