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बरसात के दिनों में चेचक से बचें: डा० अविनाश- पुष्पा

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खगड़िया
मुकेश कुमार मिश्र
चेचक एक खतरनाक बीमारी हैं. बरसात के दिनों में बहुत ही तीव्र गति से फैलने वाला वायरल बीमारी है .आमतौर पर बच्चे इस बीमारी के शिकार होते है. यह वैक्सीनिया और कोव्पॉक्स विषाणु के द्वारा होता है.गांव घर की भाषा में इसे शीतला माता का प्रकोप माना जाता है इस बीमारी में गधी का दूध पीने और लगाने से फायदा होता है।
लक्षण :सिरदर्द ,बुखार ,गले मे खराश ,सारे शरीर मे लाल लाल दाने ,जलन, खाँसी ,इसका शरीर पे दो सप्ताह तक प्रभाव रहता है
बचाव  : भीड़ भाड़ वाली जगहों पे जाने से बचना,कपड़ो की नियमित सफाई ,संक्रमित व्यक्ति से अलग रहना
परहेज-खट्टे फल, मसालेदार भोजन, ज्यादा नमक नही लेना चाहिए .
उपचार : -तरल पदार्थ खूब लेना है ,नीम की पत्ती को पानी मे ख़ौलाकर संक्रमित भाग को धोना है।
होम्योपैथिक बचावकारी दबाई- variolinum200 पावर की दवा तीन दिन तक सबेरे सबेरे लेने से बीमारी से बचा जा सकता है। उक्त जानकारी कोसी टाइम्स से खास बातचीत के दौरान खगडिया जिले के युवा होम्योपैथी चिकित्सक युगल जोड़ी डा० अविनाश एवं पुष्पा कुमारी ने साझा किया —
कौन हैं युगल जोड़ी होम्योपैथी चिकित्सक  डा० अविनाश पुष्पा
खगडिया जिले के परवत्ता प्रखंड अंतर्गत कवेला पंचायत के डुमरिया खुर्द निवासी   डाक्टर अविनाश कुमार एवं उनकी पत्नी पुष्पा कुमारी ने होम्योपैथी  चिकित्सा में एक अलग पहचान बना ली है। जबकि डा० अविनाश कुमार के पिता डाक्टर त्रिलोचन राय भी होम्योपैथी चिकित्सा के लिए इलाके में मशहूर हैं। अविनाश कुमार एवं उनकी पत्नी मुंगेर से  बेचलर आॅफ होम्योपैथी  मेडिसिन एण्ड सर्जरी की डिग्री प्राप्त कर मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। दोनों युगल जोड़ी 26 वर्ष की उम्र में ही होम्येपैथी चिकित्सा में महारथ हासिल प्राप्त कर चुका है।
डा० अविनाश कुमार मनुष्य के अलावा पशुओं का इलाज भी इलाज करते हैं। वहीं उनकी पत्नी पुष्पा कुमारी स्त्री रोग विशेषज्ञ के रुप मे मशहूर है।डा०  अविनाश कुमार परवत्ता ( कन्हैयाचक ) में एवं उनकी पत्नी डा० पुष्पा कुमारी मुगेर में मरीजों का इलाज करते हैं। यहाँ तक ही नहीं सार्वजनिक कार्यक्रम में युगल जोड़ी मुफ्त में लोगों की सेवा करते आ रहे हैं तथा इलाके में लोकप्रिय हैं। इतनी कम उम्र में  चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों के बीच प्रिय पात्र बनाना प्रतिभा की धनी मना जाता हैं। डाक्टर अविनाश कुमार बताते हैं कि होम्योपैथी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति हैं तथा रोग को जड़ से मिटाने की क्षमता है। होम्योपैथी दबाई का असर धीरे धीरे करता है इस बजह से लोग  बिना  सब्र किए अंग्रेजी दबा अपना लेते हैं।जबकि होम्योपैथी दबाई से शरीर में कोई हानि नहीं होती हैं।
डा० पुष्पा कुमारी ने बताया कि होम्योपैथी दवाई औषधि युक्त है। जिसके कारण से रोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती हैं। लेकिन आज भाग दौड़ जिंदगी में लोग जल्द ही रोग को खत्म करने में भी जल्दबाजी अपनाते हैं जिससे कारण लोगों को कभी कभी खतरे का सामना करना पड़ता। पुराने एवं असाध्य रोग को होम्योपैथी चिकित्सा के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है। ग्रामीण  शिव कुमार राय, मनोज ठाकुर, रवीन्द्र झा, मधुकर कुमार चौधरी, शिक्षिका शिवांगी ,सेवानिवृत्त शिक्षक जनार्दन राय, विजय चौधरी, विजय कुमार राय कवेला पंचायत के मुखिया बालकृष्ण शर्मा उर्फ ललन शर्मा, पूर्व मुखिया मुकेश कुंवर, बुलबुल राय, आदि ने बताया कि  युगल जोड़ी बीच बीच में शिविर लगाकर लोगों की सेवा एवं गरीबों का इलाज मुफ्त किया करते हैं।

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