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गीत / गजल

शिवम गर्ग रचित कविता-“मेरा गांव मुझे बुलाता है”

मेरा गांव मुझे बुलाता है, चैन की नींद सुलाता है, दुनियां की भाग दौड़ से दूर, सुकूं का आभास कराता ...

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क्योंकि वो हारा नहीं, एक अजय विजेता है -प्रीति भारती

सब चले जा रहे हैं , अपनी मंज़िल की तलाश में , कुछ के लिए है मखमल का रस्ता , ...

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प्रीति भारती की कविता-मेरे अरमानों की उड़ान मत पूछो……

मेरे अरमानों की उड़ान मत पुछो ! सरहदों को लाँघ कर, मुट्ठी भर जमीन नहीं, पूरा आसमान नाप आती हैं, ...

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साहित्य”आज की नारी”

आज की नारी आज की नारी कहती – मुझे किसी के भी स्नेह भरी छाँव की जरूरत नहीं, अब अकेले ...

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साहित्य”उजड़े को न उजाड़ो” 

उजड़े को न उजाड़ो  उजड़े को न उजाड़ो बिखरे को न बिगाड़ो नसीब उनसे रूठा हारे को न पछाड़ो । ...

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फारबिसगंज के रवीश रमन रचित कविता- “मज़हबी रंग”

“मज़हबी रंग” कभी-कभी अजीब लगता है देख कर हो जाता हूं दंग मजहब बताने लगा है हमारा और तुम्हारा रंग ...

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अररिया : इंतजार खत्म ! नवम्बर में रिलीज होगी “मैं बैराग”

ब्यूरो रिपोर्ट@कोशी टाइम्स,अररिया अररिया : “मैं बैराग” 18 वर्षीय युवा लेखक सैफ अली खान द्वारा लिखी हिंदी फीचर फिल्म है ...

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बज्जिका गीत-“हे बूढी”

हे बूढी हे बूढी घर में के बरतन बजइछऔ दाल, चाउर अपने चलइछऔ ॥ कथी करबऽ तू कुच्छो न बुझाइछऔ ...

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