Home » शेर ओ शायरी

शेर ओ शायरी

प्रीति भारती की कविता-एक दीया बन पाऊं

दीपक बनकर जिस भी गली से गुजरुं अंधेरा छटे रौशनी फैले कहने को रौशन घर किसी और का होगा दिल ...

Read More »

रवीश रमन की रचना “धड़क रहा धड़कन होगा”

“धड़क रहा धड़कन होगा” धड़क रहा धड़कन होगा कैसा पिया का आँगन होगा कैसी साँस की ममता होगी कैसा पिया ...

Read More »

अब वो रात नही-शिवम गर्ग

*तूने की बेवफाई अब याद नहीं* *आज नजरें भी चुराई अब याद नहीं  *दिल ही रूठा है मेरा, मैं टूटा ...

Read More »

क्योंकि वो हारा नहीं, एक अजय विजेता है -प्रीति भारती

सब चले जा रहे हैं , अपनी मंज़िल की तलाश में , कुछ के लिए है मखमल का रस्ता , ...

Read More »

रविश रमण रचित कविता-पहला कदम

माँ के मुख से ‘आह’ निकली होगी जब हमने बढ़ाया होगा “पहला कदम” गिरे भी होंगे,संभले भी होंगे माँ ने ...

Read More »

फारबिसगंज के रवीश रमन रचित कविता- “मज़हबी रंग”

“मज़हबी रंग” कभी-कभी अजीब लगता है देख कर हो जाता हूं दंग मजहब बताने लगा है हमारा और तुम्हारा रंग ...

Read More »

रवीश रमन रचित कविता ●”मज़हबी रंग”

“मज़हबी रंग” कभी-कभी अजीब लगता है देख कर हो जाता हूं दंग मजहब बताने लगा है हमारा और तुम्हारा रंग ...

Read More »