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साहित्य

“मानवाधिकार”

मानवाधिकार आईए हम सभी मिलकर बातें करते हैं मानवाधिकार की, है तो ये बहुत हीं साधारण सब बात पर है ...

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“अशांतमन की शांति”

अशांतमन की शांति  चुप-चाप दबे पांव शांति … अशांत मन की साथी बन जाती है… जब बेबसी की एक लकीर ...

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साहित्य में आज पढ़िए अनु की मोटिवेशनल रचना को

ख्वाहिशों का ढेर लगा के क्या करना रातों के नींद भी बेचना होगा, सफल होना है तो बस इसी धुन ...

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साहित्य’वादियाँ मुस्कुराऐंगी”

वादियाँ मुस्कुराऐंगी कहतें हैं-बदलाव प्रकृति का नियम है तभी तो, बदलता रहता मौसम है सिलसिला बदलाव का प्रखर हो चुका ...

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साहित्य में आज पढ़िए ऋतु सिंह को … मुझमे अभी जीने की चाहत बाकी है

लौट आओ ऐ ताजी हवा मुझमे अभी जीने की चाहत बाकी है। कब तलक यूँ तड़पा जाए ख्वाहिशों की कई ...

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आलोचना से घबरायें नही,बल्कि करें स्वागत

संजय कुमार सुमन    अक्सर आपको बहुत से लोगों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता होगा। कभी ऑफिस में, कभी ...

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साहित्य”हूँ अचंभित”

हूँ अचंभित हे विद्यानुरागी विजय! तुम्हें कोटि-कोटि नमन! थी चांद छूने की चाहत तेरी भी थी हौसलों में बंधी तरंगें ...

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साहित्य”कविता”

कविता कविता एक बिंदु से बना संसार है , कविता एक सोच को मिली नयी जान है , कविता एकांत ...

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