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रचना

” भ्रष्टाचार” कुणाल आनंद की कविता

” भ्रष्टाचार” जनता को सपने दिखाकर वोट के लिए गिड़गिड़ाता है खुशियों से झोली भर दूंगा ऐसे सपने दिखता है ...

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क्योंकि वो हारा नहीं, एक अजय विजेता है -प्रीति भारती

सब चले जा रहे हैं , अपनी मंज़िल की तलाश में , कुछ के लिए है मखमल का रस्ता , ...

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फारबिसगंज के रवीश रमन रचित कविता- “मज़हबी रंग”

“मज़हबी रंग” कभी-कभी अजीब लगता है देख कर हो जाता हूं दंग मजहब बताने लगा है हमारा और तुम्हारा रंग ...

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पत्रकार और समाज:एक सिक्का के दो पहलू

संजय ‘विजित्वर’ पत्रकारिता को पूजा ,यज्ञ, धारा,दर्पण इत्यादि शब्दों से परिभाषित करते हैं और पत्रकार पुजारी, यज्ञकर्ता, सचेतक , प्रहरी, ...

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स्मृति शेष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी-व्यक्तित्व व कृतित्व

संजय कुमार सुमन  समाचार सम्पादक@कोसी टाइम्स  पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी भारत माता के एक ऐसे सपूत हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता से ...

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कविता : रवीश रमन की कविता “बदनाम”

बदनाम खुद का नाम रोशन करने में हम खुद हो गए बदनाम हम भी तो यहाँ मुसाफिर है ,और मुसाफिरों ...

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क्या चाँद नही तो ईद नही?चांद देखकर ही क्यों मनाते हैं ईद,क्या है दोनों के बीच का संबंध

संजय कुमार सुमन  उप सम्पादक@कोसी टाइम्स  दिलों में प्यार जगाने को ईद आई है हँसो कि हँसने हँसाने को ईद ...

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वट सावित्री व्रत कथा:महिलाओं का सौभाग्यवती होने का पर्व

संजय कुमार सुमन  उप सम्पादक@कोसी टाइम्स   हिन्दू धर्म में वट सावित्री व्रत को करवा चौथ के समान ही माना जाता ...

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