Home » Breaking News » सुपौल : धान क्रय कागजो पर , किसान को परेशानी व्यापारियों की चांदी

सुपौल : धान क्रय कागजो पर , किसान को परेशानी व्यापारियों की चांदी

Advertisements

 

सूबे में किसानो से धन क्रय में बिभागीय अर्चन के कारण हर साल लेट लतीफी हो जाती थी, लेकिन इस बार सुपौल जिला प्रशासन उन तमाम अड़चनो को ससमय दूर कर लिया, जिसका नतीजा ये हुआ कि सुपौल जिला धान अधिप्राप्ति में बिहार में अव्वल रहा ।

जिले में इस साल 66 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के अनुरूप लगभग 44 हज़ार मिट्रिक टन की अधिप्राप्ति हो चुकी है , जिस अधिप्राप्ति के लिये जिले में 117 पैक्स एवं व्यपार मंडल में क्रय केंद्र खोले गये है।धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 31 मार्च तक निर्धारित है।
वहीं किसानो का कहना है किे जिला प्रशासन ने धन क्रय केंद्र तो खोल दिया ,और किसानो का सीधे तौर पर धान लेने के कवायद शुरू होते ही कुछ दिनों में देखते ही देखते गोदाम भी भर गया ,अब सबाल है की ये किसानो के धान से गोदाम भरा है या बिचोलिये के धान से …

अब सवाल है कि बिहार सरकार ने किसानो को उचित मूल्य पर धान बेचने के लिये जिला मुख्यालय से लेकर कस्बाई इलाको में पैक्स एवं व्यापार मंडल के माध्यम से क्रय केंद्र भले खोल दिया ,लेकिन एक महीने से ज्यादा समय बितने के बाद भी अभी तक किसानों के खाता में एक रुपैया भी नही भेजा गया, जिससे किसानो की रवि फसल प्रभावित हो रहा है। इसी परेशनी को देखते हुये जिले के किसान महज़ कौरी के दाम में धान को व्यपारी के हाथों बेचने को मजबूर हो जाते है, और वहीँ व्यापारी सरकारी अधिप्राप्ति शुरू होते ही ट्रेक्टर ,ट्रक से धान लाकर फैक्स गौदाम को भर देता है। जिससे प्रशासन एवं बिभाग को लक्ष्य प्राप्ति में ज्यादा परेशानी नही होती है।

Comments

comments

Advertisements
x

Check Also

कटिहार: एम्बुलेंस सेवा नहीं म‍िली तो ठेले पर लादकर अपनी बीमार पत्नी को ले गया अस्पताल

कोसी टाइम्स प्रतिनिधि@ कटिहार बीमार मरीजों को अस्‍पताल तक ले जाने के ल‍िए शुरू की गइ एम्बुलेंस 108 सेवा अब ...