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मधेपुरा:चहलुम के मौके पर रहठा फ़नहन एक दिवसीय कव्वाली हुआ आगाज,सांसद पप्पू यादव ने किया उद्घाटन

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*कौमी एकता की मिसाल है कव्वाली-सांसद पप्पू यादव

इमदाद अलाम
कोसी टाइम्स@चौसा, मधेपुरा

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत रहटा गांव मे
चेहलुम मेला के मौके पर एक दिवसीय मुकाबला कव्वाली का आयोजन सार्वजनिक मेला कमिटी द्वारा किया गया। जिसका विधिवत उदघाटन मधेपुरा सांसद सह जाप अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने फीता काटकर किया।


उद्घाटन के दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत में चहलुम माना रहे हैं। हजरत इमाम हुसैन ने बुराइयों के खिलाफ अपनी जान की कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इंसान को बचाने के लिए पप्पू यादव अपनी जान की कुर्बानी हमेशा देने को तैयार है। इंसान पर किसी प्रकार का आ जाए पप्पू यादव चुप बैठे ।
उन्होंने ने आयोजकों को बधाई देते हुए  कहा कि इस प्रकार के आयोजन से इस क्षेत्र की परंपरा समृद्ध होती है। सबसे बड़ी बात है कि विभिन्न धर्म एवं संप्रदाय के लोग एक जगह एकत्रित होकर इस प्रकार के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं । जिससे सामाजिक शांति एवं सद्भाव का मार्ग प्रशस्त होता है।

सांसद श्री यादव ने कहा कि सभी लोगों को आपसी मेल मिलाप व भाईचारे के साथ रहकर समाज में शांति स्थापित करना चाहिए। क्योंकि शांति से ही विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
इसके बाद कव्वालों ने अपने साजिंदों के साथ कव्वाली पेश करने का सिलसिला शुरू किया। मुजफ्फरपुर के कव्वाल मुमताज शाबरी एवं कानपूर की कव्वाला रीना परवीन वारसी के साथ मुकाबला हुआ। दर्शकों ने पूरी रात संजीदगी यों के साथ आनंद लेते रहे। मुमताज साबरी ने अपना कलाम छेड़ते हुए खुदा ए पाक मगर सब की लाज रखता है से अपनी बात बयां की।

रीना परवीन वारसी ने गजल के शौकीनों का भी ख्याल करते हुए गजल गायी उन्होंने जवाबी हमला करते हुए कहा की गजल आईना करने में वक्त लगता है, नई दुल्हन को संवारने में वक्त लगता है, मरीज ए इश्क से कह दो के हाए ना करें पुराने जख्म को भरने में वक्त लगता है। पर दर्शकों का खूब तालियां बटोरी। दोनों कव्वालों के बीच मीठी नोक-झोंक सुनने को श्रोता आधी रात के बाद तक जमे रहे। कोव्वाला मुमताज शाबरी ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल पेश करते हुए सुनाया- ‘कहीं निर्धन, कहीं धनवान बना बैठा है, कल तो मंदिर में ब्राह्मण को दिये थे दर्शन, आज मस्जिद में मुसलमान बना बैठा है, मैं क्या जानूं राम तेरा ये गोरखधंधा।’ इस दौरान जबाबी हमला करते हुए रीना परवीन वारसी ने कहा कि

क्या बनाने आए थे,

क्या बना बैठे…

कहीं मन्दिर बना बैठे,

कहीं मस्जिद बना बैठे..
हम से अच्छी तो जात है परिंदों की…
कभी मन्दिर पे जा बैठे,

तो कभी मस्जिद पे जा बैठे…
कार्यक्रम का समापन शहीद ए कर्बला पर आधारित कव्वाली से किया गया।

कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए आयोजन कमिटि सदस्य मो सरफराज, मो शकीब, मो फतेह, पुर्व प्रमुख मो मुख्तार आलम, पेक्स अध्यक्ष मो मतीम, ताज उद्दीन एवं दारोगा संतलाल सिंह, रामनिवास सिंह अपने दल बल के साथ सक्रिय रुप से मौजूद थे। कार्यक्रम में सांसद पप्पू यादव के साथ पुर्व प्रमुख डा धीरेन्द्र यादव, संजीव यादव, हलधर कांत चौधरी, दुर्गा यादव, नीतीश राणा, सांसद प्रतिनिधि गोपाल जायसवाल मंटु झा, रवि राय, जितेंद्र आदि मौजूद थे।

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