Home » Recent (Slider) » आत्मबल से ही सफलता मिलती है-बीएनएमयू कुलपति डाॅ. अवध

आत्मबल से ही सफलता मिलती है-बीएनएमयू कुलपति डाॅ. अवध

मेराज आलम 

कोसी टाइम्स@मधेपुरा 

बच्चे शिक्षा रूपी बगीचे के पुष्प हैं। इनकी सगंध दूर-दूर तक फैलेगी। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही। वे बुधवार को राज मैनेजमेंट द्वारा आयोजित स्पेलिंग बी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे।कुलपति ने सभी बच्चों को बधाई दीं और कहा कि यह महज एक शुरूआत है। अभी और आगे जाना है। हरएक बच्चों के मन में जीतने की भावना होनी चाहिए। हमेशा सोचिए कि मैं पहले नंबर पर क्यों नहीं ? आत्मबल से ही सफलता मिलती है।कुलपति ने कहा कि स्पेलिंग का बहुत महत्व है। हम शब्दों के धनी होते हैं, तो हमें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। बच्चे ही समाज एवं राष्ट्र के भविष्य हैं। अतः हमारा यह दायित्व है कि हम बच्चों पर पर्याप्त ध्यान दें।

कुलपति ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे आएं। पहले कहा जाता था कि “पढ़ोगे लिखोगे, बनोगे नवाब, खेलोगे, कुदोगे बनोगे खराब।” लेकिन अब ऐसी बात नहीं है। खेल हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए तो आवश्यक है ही, यह कैरियर का भी बेहतर विकल्प है।कुलपति ने कहा सभी बच्चे अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें। कोई जरूरी नहीं है कि सभी इजिनियर, डाक्टर या आईएस बनें। जिनकी जिस क्षेत्र में रूचि हो, वे उसमें कैरियर बना सकते हैं।

इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं कमी है। यही कारण है कि बारह वर्षों तक लगातार पढ़ाई करने के बावजूद हमारे बच्चे अंग्रेजी नहीं जान पाते हैं। बच्चे डिक्सनरी नहीं रखते हैं, बल्कि मोबाइल में स्पेलिंग देखते हैं। उन्होंने बताया कि 1971-72 में नारायणपुर के एक गाँव में भी चैम्बर की डिक्सनरी मिलती थी। लेकिन आज भागलपुर शहर में भी यह उपलब्ध नहीं है। इससे यह स्पष्ट है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में गिरावट आई है। उन्होंने बच्चों से दो शब्द का स्पेलिंग पुछी और बताने वाले बच्चों को एक-एक सौ नकद पुरस्कार दिया।

इस अवसर पर पूर्व परीक्षा नियंत्रक डाॅ. भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न अब्दुल कलाम आजाद ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में एक सौ विद्यालय के बच्चों को बुलाया था। वे यह मानते थे कि बच्चे ही देश के भविष्य हैं। उन्होंने अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी स्पेलिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर माता-पिता के अलावा समाज के कई लोगों का ॠण है। बच्चों को हमेशा यह ॠण उतारने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने की। संचालन सीएम साइंस काॅलेज, मधेपुरा के संजय कुमार परमार ने किया।इस अवसर पर उप कुलसचिव (स्थापना) डाॅ. कपिलदेव प्रसाद, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर आदि उपस्थित थे।

Comments

comments

x

Check Also

मधेपुरा में पहली बार हो रहे डांडिया महोत्सव की तैयारी पूरी

  मधेपुरा में आयोजित होने वाले दो दिवसीय डांडिया महोत्सव की तैयारी पूरी कर ली गयी है.जिले में पहली बार ...