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सिंहेश्वर में पार्किंग कर्मियों के आगे न्यास समिति,जिला प्रशासन सब फेल, फिर दादागिरी दिखा किया मारपीट और वसूला जबरन पार्किंग चार्ज

सिंहेश्वर,मधेपुरा.
बिहार के सुप्रसिद्ध देव नगरी में पार्किंग कर्मियों की मनमानी काफी ज्यादा बढ़ चुकी है लेकिन जिला प्रशासन, मंदिर प्रशासन सहित पुलिस प्रशासन पुरी तरह से चुप्पी साधे हुये है. कुछ दिनों के अंतराल में पार्किंग कर्मिंयों से किसी न किसी श्रद्धालु के साथ घटना घट ही जाती है. गुरूवार को कांवरियों को बेरहमी से पीटने का मामला अभी पुरी तरह से शांत भी नही हुआ था कि शुक्रवार की सुबह दुसरी घटना घटित हो गयी. जिस वजह से स्थानीय लोग भी काफी आक्रोशित होते जा रहे है. क्योंकि पार्किंग पर होने वाले कुकृत्य के कारण पुरा सिंहेश्वर ही इससे बदनाम होता जा रहा है.
शुक्रवार की सुबह दो श्रद्धालुओं के साथ उस समय बदसलुकी की गयी जिस वक्त श्रद्धालु पार्किंग क्षेत्र के नजदीक नही लगभग 500 मीटर से भी ज्यादा दुर अपने वाहन को लगा रखा था. मामला दुर्गा चौक के पास का है कांवरिया भरत कुमार वर्षा डिलक्स बस बीआर 19 डी 8233 से कांवरियों के जत्थे को ले देवघर से पूजा करा कर वापस लौट रहा था. दुर्गा चौक पर वाहन खड़ा कर सभी कांवरिये बाबा सिंहेश्वर की पूजा करने चले गये थे. इसी बीच पार्किंग कर्मी दुर्गा चौक पर पहुंच गये और पार्किंग शुल्क मांगने लगे. कांवरियां ने पार्किंग स्थल न होने के कारण पार्किंग शुल्क देने से साफ तौर मना करने लगा. इतना सुनते ही कर्मी आग बबुला हो गये और बात हाथापाई तक पहुंच गयी. हालांकि बाद में उस बस से 300 रूपये वसुल कर लिये गये. वहीं दुसरा पचगछिया निवासी मनोज सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ वही भी अपने वाहन को दुर्गा चौक पर खड़ा कर पूजा करने गये थे वापस लौटने पर पार्किंग शुल्क की मांग की जाने लगी. हालांकि उसने पैसे नही दिये.
बिना मुल्य प्रिंटेड रसीद थमाया
न्यास समिति द्वारा स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि रसीद पर मुल्य प्रिंटेड होना चाहिये लेकिन न्यास कर्मियों की मदद से बिना रसीद पर मुल्य अंकित किये हाथ से लिखकर रसीद काटा जाता है. पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आये थे जिसके बाद बिना मुल्य प्रिंट रसीद का चलन समाप्त हो गया था लेकिन शुक्रवार को ऐसा मामला दुबारा सामने आया है. बस से 300 रूपये वसुल कर लिये गये और बदले में बिना मुल्य प्रिंट का रसीद थमा दिया गया. ताज्जुब की बात यह है कि रसीद में 21 सितम्बर के बदले 20 सितम्बर ही अंकित किया गया था.
कब- कब घटी घटना
वैसे तो कई मामले प्रकाश में नही आया लेकिन जो प्रकाश में आया उसपर भी कोई कार्रवाई अब तक नही हो पायी है लिहाजा श्रद्धालु अपने आप को पूर्ण रूप से असहाय महशुस कर रहे है. कई बार तो ऐसे मामले भी सामने आये जिसमें किसी व्यक्ति ने बिना मुल्य अंकित और ज्यादा पैसे वसुलने की बात को वायरल भी किया.
18 मई 2018 को पूर्णिया जिले से अपने परिचित से मिलने आये लोगों ने पार्किंग के बाहर अपनी वाहन को खड़ी कर बाबा भोले को प्रणाम करने चले गये वापस लौटने पर उन लोगों से जबरन पैसों की मांग की जाने लगी. अंत में उन्होंनें पैसे देना ही उचित समझा.
29 मई को शाम में स्थानीय ऑटो ड्राइवर अवधेश कुमार के साथ इसलिये मारपीट कर ली गयी कि वह उस रास्ते से अपेन ऑटो को ले जा रहे थे. जिसकी लिखित शिकायत थाने में की गयी और बताया गया कि उसके पैसे भी छीन लिये गये.
20 जुलाई को सहरसा से मनन सिंह पूजा करने आये इनसे 30 रूपये के बदले 100 रूपये वसुले गये. 30 के बदले 100 रूपये नही देने पर पार्किंग कर्मियों के द्वारा बदसलुकी भी की गयी.
7 अगस्त को मधेपुरा वार्ड संख्या 07 निवासी पिंटु कुमार अपनी पत्नी सिम्पी कुमारी के साथ पुजा के साथ- साथ मेला देखने के बहाने सिंहेश्वर पहुंचे. उनलोगां ने मंदिर रोड के तरफ से नाग गेट के आगे अपनी स्पलेंडर मोटरसाइकिल लगा दी. मेला से वापस होने के बाद उनलोगों ने जैसे ही मोटरसाइकिल निकालनी चाही दो- तीन लड़के वहां पहुंच गये और पार्किंग शुल्क देने को कहा. नाग गेट पार्किंग क्षेत्र में नही रहने के कारण पैसे देने से उसने मना कर दिया इतना सुनते पार्किंग के लड़के आग बबुला हो गये और मामला मारपीट तक पहुंच गयी.
26 अगस्त को मामला उस समय प्रकाश में आया जिस वक्त बीडीओ अजीत कुमार व सीओ कृष्ण कुमार सिंह मंदिर परिसर में ही मौजूद थे एसी वक्त सुपौल जिले के विशनपुर निवासी भवनारायण यादव ने मंदिर न्यास समिति सचिव व व्यवस्थापक के नाम से दिये आवेदन में बताया था कि सुबह लगभग 10 बजे पूजा करने मंदिर आया था और अपनी मोटरसाइकिल को उत्तर भाग वाला पार्किंग में लगा दिया. पूजा कर वापस लौटने पर पार्किंग स्थल पर मौजूद तीन लड़कों ने पार्किंग शुल्क 50 रूपया की मांग की गयी. पीड़ित के द्वारा पचास रूपया दे भी दिया गया. और जब रसीद की मांग की गयी तो रसीद काटकर उसके सामने ही फाड़कर फेंक दिया. इसी वक्त कई अन्य श्रद्धालुओं ने भी इसकी शिकायत की थी.
8 सितम्बर को त्रिवेणीगंज बभनगामा निवासी जितेंद्र कुमार झा बी डी ओ को आवेदन दे कर बताया कि अपने पिता एवं अन्य परिजनों के साथ टेंपो से देवघर से पूजा कर लौटे उन्होंने अपना टेंपो मेन रोड डाक बंगला के पास लगाया जब वह पूजा करके लौट रहे थे पार्किंग ठेकेदार के चार आदमी उसे मेन रोड डाक बंगला के पास रोककर जबरन 500 का मांग किया नहीं देने पर उनके साथ मारपीट करने के लिए उतारू हो गए जिससे स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर मामला को सुलझाया।
20 सितम्बर को जिला मुख्यालय के श्रद्धालु देवघर से सिंहेश्वर पुजा करने आये थे. महिला कांवरिया की तबीयत खराब होने के कारण वाहन को पंडा निवास के पास लगाया गया था लेकिन पार्किंग कर्मी वहां भी पैसों की मांग करने लगे. पैसे नही देने पर कर्मियों ने कांवरियों के साथ मारपीट शुरू कर दी.

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