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संडे स्पेशल : एक अधिकारी किसानों को समझाने के लिए बन जाते है मशरूम बाबा

प्रशांत कुमार

 

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई भागमभाग में रहता है।अगर कोई छात्र है तो उसे अपनी पढ़ाई और परिवार की चिंता रहती है ,कोई व्यवसाई है तो उसे बस अपने व्यवसाय और अपने परिवार की चिंता रहती है,कोई बीमार है तो अपने बीमारी से उबरने और परिवार की चिंता रहती है,कोई अधिकारी है तो अपना कार्यक्षेत्र और बचा समय अपने परिवार के लिए देना चाहता है ।एक अधिकारी के लिए उसके कार्यक्षेत्र के बाद बहुत ही कम समय अपने और अपने परिवार के लिए बच पाता है।फिर भी कोई अधिकारी जो अपना दायित्व को बेहतर तरीके से निभाने के बाद बचे समय को भी आमजन के लिए ही बीता देना आज के समय में बड़ा मुश्किल कार्य है ।

आज संडे स्पेशल में मैं बात कर रहा हूँ एक ऐसे अधिकारी की जो जिले के वरीय अधिकारी है ,बड़ा पोस्ट है अच्छी तनख्वाह है फिर भी वो आमजन के लिए इस सब को दरकिनार कर उसके हित के लिए दुनियादिरी से हट कर सोचते है और करते है।मैं बात कर रहा हूँ बिहार के मधेपुरा जिला और सुपौल के अतिरिक्त प्रभारी आत्मा पदाधिकारी राजन बालन की।

राजन बालन मधेपुरा और सुपौल (अतिरिक्त प्रभार )के जिला आत्मा पदाधिकारी है।किसानों के बीच रहना ,उठना बैठना होता रहता है।एक अधिकारी के तौर पर वो किसानों के बीच बड़े मशहूर है चूंकि कार्यालय में किसानों से मिलना ,उनके समस्या को सुनना और उसका हल बताना तो उसके लिए आम है लेकिन सरकार की योजना और किसानों को अलग अलग उनके फायदे के लिए बताना कि आपके खेत के लिए ये लाभकारी है ,ये उर्वरक ज्यादा लाभकारी है ,अनुदान का उपयोग कीजिए आदि बताने के लिए और उस आदमी तक लाभ पहुंचाना उनकी विशेषता है।एक अधिकारी आज सरकार की योजना को बता दिया ये बहुत है लेकिन श्री बालन का ये अंदाज किसानों को काफी फायदा पहुंचा रहा है।

मशरूम बाबा और वर्मी कम्पोस्ट बाबा के रूप में बिहार में है चर्चित

आत्मा अधिकारी राजन बालन केवल कार्यालय तक सीमित रहने वाले अधिकारी नही है।वो सुदूर देहात क्षेत्र जाते है किसानों के बीच बैठते है उनकी समस्या सुनते है और उसका समाधान बताते है।श्री बालन किसानों को मशरूम और वर्मी कम्पोस्ट का फायदा बताने के लिए बाबा का रूप धारण करते है और बाबा बन प्रवचन करते है।किसानों को मशरूम के फायदा ,खेती आदि बताने के लिए वो मशरूम बाबा बनते है और फिर प्रवचन के रूप में मशरूम के खेती ,उत्पादन,मुनाफा आदि के बारे में जानकारी देते है जिसे किसान बड़े ही चाव से सुनते है और फिर अनुसरण करते है।

इसी तरह वो वर्मी कम्पोस्ट बाबा भी बनते है और इस संबंध में प्रवचन करते है कि किस तरह यह कम्पोस्ट बनाया जाता है ,सरकार इसपर क्या अनुदान देती है,कैसे खेत को यह जिंदगी प्रदान करती है आदि।किसानों को रासायनिक उर्वरकों से होने वाले हानियों को भी इस प्रवचन के माध्यम से बड़े बारीकी से समझाते है और हिदायत देते है कि रासायनिक उर्वरक का प्रयोग न करे,कम से कम कर जबकि वर्मी कम्पोस्ट का करे।

 

अधिकारी होते हुए मशरूम बाबा और वर्मी कम्पोस्ट बाबा बनकर किसानों के बीच प्रवचन देते है ,इसे आप किसानों को ऐसे भी मौखिक समझा सकते है के सवाल पर राजन बालन कहते है कि हमारे किसान बन्धु अभी इस संबंध में पूरी तरह जागरूक नही हुए है।उसे कीटनाशी दुकानदार जो कह देते है उसे वो गांठ बांध लेते है और जमकर रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करते है फलस्वरूप होता है कि उनका फसल बर्बाद हो जाता है।उन्हें पता ही नही है कि क्या करना चाहिए क्या नही करना चाहिए।

सरकार की योजना से वो अंजान है।मशरूम की खेती ,वर्मी कम्पोस्ट से वो अंजान है।इस सब को हम बाबा बनकर प्रवचन के रूप में देते है तो उसे थोड़ा रोचक लगता है इसे वो सुनते है और अमल में लाते है।अगर ऐसे मौखिक देते है तो उतना ध्यान वो नही देते है।मशरूम आरती है जिसमे उसके शुरआती दिन के खेती से लेकर अंतिम मुनाफा ,खाने का फायदा सब कुछ है उसमें बताया हुआ तो किसान इसको गंभीर होकर सुनते है और अब तो बहुतों किसान वर्मी कम्पोस्ट ,मशरूम आदि का खेती शुरू कर दिए है।

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