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मधेपुरा : एप्रोच के बिना करोड़ो की लागत से बना पुल हुआ बेकार

रंजीत कुमार सुमन

कोसी टाइम्स @ मुरलीगंज, मधेपुरा

मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत गंगापुर पंचायत से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क जो बाईपास होते हुए मधेपुरा जिला मुख्यालय को जाती है । लंबे अरसे के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बनी पुल भी ग्रामीणों के लिए बेकार सा पड़ गया है। मधेपुरा मानिकपुर चौक से होते हुए दिनापट्टी सखुआ से होते हुए गंगापुर बलुआहा नदी को पार करते हुए मुरलीगंज बिहारीगंज मुख्य मार्ग एसएच 91 पर रतनपट्टी मोड़ पर जाकर मिलती है । यह रास्ता बरसात में 4 महीने बाधित रहता था , बांस के चचरी पुल के सहारे ही आवागमन होता था । लंबे अर्सो के बाद करोड़ों रुपए की लागत से पुल बनने के बाद लोगों को आस जगी।

गौरतलब हो की मुरलीगंज प्रखंड से इस रास्ते होकर मधेपुरा जिला मुख्यालय बड़ी आसानी से महज 15 से 16 किलोमीटर की दूरी तय करके ही पहुंचा जा सकता है । इस सड़क में पुल के समीप मात्र 200 मीटर संपर्क पथ नहीं बनने के कारण लोगों को 10 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करना पड़ रहा है । सहरसा पूर्णिया मुख्य मार्ग एनएच 107 की जर्जरता के बाद लोगों के लिए यह रास्ता मधेपुरा मुख्यालय पहुंचने के लिए एक वैक्लिप माना जाता था। स्थानीय ग्रामीण लोगों ने बुधवार को जनप्रतिनिधि एवं सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए बताया कि सिर्फ 200 मीटर की सड़क नहीं बनने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ 200 मीटर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सड़क पर पानी का जमाव हो जाता है । और लोगों का नदी के उस पार बसे गांव का आपस में संपर्क विच्छेद हो जाता है। लोगों को अगर पुल पार करना हो तो यहां से दक्षिण की दिशा में बने चतरा पुल या उत्तर की दिशा में बलुआहा पुल का ही एकमात्र सहारा है।

स्थानीय मुकेश कुमार ने बताया कि बरसात में पानी की समस्या से तीन चार महीने बाधित रहता है । कई बार हम लोंगो ने खिलित आवेदन दिया है किंतु कोई सुनुवायी नही होती है । जबकि यहाँ से हमलोंगो को मधेपुरा मात्र 16 किलोमीटर है जबकि हमलोग एनएच से 35 किलोमीटर की दुरी तय करना पड़ता है। यह कोल्हायपटी चौक से मानिकपुर चौक पर निकलती है । स्थानीय आदर्श कुमार कहते है कि इस रास्ते से आसपास के दस गांवों की मुख्य सड़क है । करोडो रुपया की लागत से पुल बन गया है किंतु लोगो को इस पुल से कोई लाभ नही मिल रहा है । वो भी सिर्फ लगभग 200 मीटर सम्पर्क सड़क की जर्जरता की वजह से । जिस कारण हमलोंगो की खेती भी प्रभावित हो जाती है । वही दीपक कुमार ने बताया कि थोड़ी से के लिए करोडो की लागत से बना पुल बेकार हो गया है। थोड़ा सा के लिये चार महीने रास्ता बाधित रहता है। वही रिंकू कुमार ने बताया कि पुल निर्माण के बाद हमलोगों में काफी खुशी थी कि वर्सो की परेशानी से निजात मिल जायेगा किन्तु थोड़े से के लिए समस्या जस का तस रह गया।

जब इस बात की चर्चा प्रखंड विकास पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी से की गयी तो उन्होंने स्वयं स्थलगत निरीक्षण किया और उन्होंने कहा की समस्या बस थोड़े से के लिए है। इस समंध में हम जिला पदाधिकारी को अवगत करवावायेंगे और आग्रह करेंगे की समस्या के निदान हेतु प्रयास किया जाय।

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