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पूरे भारत में देखा जा सकेगा आज चन्द्र ग्रहण,जानिए क्या है समय…

बिकास कुमार

कोसी टाइम्स@सहरसा

खग्रास चंद्र ग्रहण या फिर पूर्ण चन्द्र ग्रहण आज यानी 27 जुलाई 2018 (शुक्रवार) को लगेगा। यह चन्द्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकेगा। चन्द्र ग्रहण सामान्यतः पूर्णिमा के दिन लगता है, इस बार भी यह चंद्रग्रहण पूर्णिमा के दिन लग रहा है। भारतीय मानक समयानुसार, चन्द्र ग्रहण की शुरुआत रात में 11 बजकर 54 मिनट पर होगा।

ग्रहण का मध्य 1 बजकर 52 बजे पर होगा तथा ग्रहण का मोक्ष रात में 03:49 बजे होगा। रात में एक बजे से लेकर रात में 02:43 बजे तक खग्रास अर्थात पूर्ण ग्रहण की अवस्था होगी । अतः ग्रहण की पूर्ण अवधि 3 घण्टा 55 मिनट की होगी। जो सदी की सबसे बड़ी चन्द्र ग्रहण होगी।

ग्रहण का स्पर्श उत्तराषाढा नक्षत्र एवं मकर राशि का होगा। जबकि मोक्ष श्रवण नक्षत्र एवं मकर राशि पर हो रहा है अतः उत्तराषाढ़ा एवं श्रवण नक्षत्र में जिन लोगो का जन्म हुआ तथा मकर राशि वाले इस ग्रहण को कदापि न देखें।

चन्द्र ग्रहण का देश अथवा आम जन मानस पर प्रभाव

कई पंडितों और विद्वानों अनुसार पृथ्वी तत्व राशि मकर में चन्द्र मंगल की युति अर्थात स्थल एवं जल की युति पर राहु की दृष्टि एवं केतु का साथ जलीय क्षति को दर्शाता है। अतः ग्रहण के समय चंद्रमा अपने आकर्षक बल से पृथ्वी के जल एवं स्थल दोनों को प्रभावित करेगा। प्रत्येक जन मानस पर अपना प्रभाव स्थापित करेगा।

ग्रहण शुरुआत के समय मेष लग्न का उदय होगा। मेष लग्न का स्वामी ग्रह मकर राशि मे उच्च का होकर अपनी वक्र गति से संचरण करेंगे। साथ ही मकर राशि का स्वामी ग्रह शनि भी अपनी वक्री गति से संचरण करेंगे ऐसे में पृथ्वी राशि मकर के स्वामी ग्रह शनि धनु राशि मे तथा स्वयं पृथ्वी कारक ग्रह मंगल का वक्री होकर जल कारक ग्रह चन्द्र एवं केतु के साथ राहु से दृष्ट होकर विद्यमान होना स्थलीय ,जलीय ,पर्वतीय क्षेत्र के लिए क्षति कारक सिद्ध हो सकता है।

अतः भू भाग पर जल वृष्टि से, भूस्खलन, भूकंप, आग से क्षति, बिजली गिरने से तथा बदल फटने से सामूहिक क्षति की भी सम्भावना बन सकती है। राहु से प्रभावित सूर्य, बुध एवं दृष्टि प्रभावित चन्द्र मंगल देश मे आंतरिक अशांति को जन्म दे सकता है। ग्रहण के दो सप्ताह तक सरकारी अधिकारियों पर आक्षेप ,सरकार के प्रति जनाक्रोश, सरकार की नीतिओ का विरोध, आम जन मानस को ऐसा प्रतीत होगा कि सरकार तथा सरकारी कर्मचारी उनके विरूद्ध कार्य कर रहे है।

महिलाओं ,बच्चियों के साथ गलत आचरणों ,दुष्कर्मो में वृद्धि हो सकती है अतः बच्चियों, महिलाओ की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाना होगा। देश मे आन्तरिक शत्रुओं की वृद्धि तथा सरकारी तथा गैर सरकारी घोटाले भी उजागर हो सकते है। लोक सेवा आयोग की सीबीआई जाँच में वृद्धि दिखाई देगी ,कुछ लोगो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा सकती है।

खग्रास चन्द्र ग्रहण : सूतक काल में किए जाने वाले कार्य सूतक के समय तथा ग्रहण के समय दान तथा जापादि का महत्व माना गया है। पवित्र नदियों अथवा तालाबों में स्नान किया जाता है ,मंत्र जाप किया जाता है तथा इस समय में मंत्र सिद्धि का भी महत्व है। तीर्थ स्नान, हवन तथा ध्यानादि शुभ काम इस समय में किए जाने पर शुभ तथा कल्याणकारी सिद्ध होते हैं। धर्म-कर्म से जुड़े लोगों को अपनी राशि अनुसार अथवा किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुओं को इकठ्ठा कर संकल्प के साथ उन वस्तुओं को योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए।

सूतक में वर्जित कार्य

सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है. खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना आदि कार्य भी इस समय वर्जित हैं। इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए । सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, अस्वस्थ स्त्री आदि को उचित भोजन लेने में कोई परहेज नहीं हैं।
सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देना चाहिए जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होगें। अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं । घर में जो सूखे खाद्य पदार्थ हैं उनमें कुशा अथवा तुलसी पत्ता डालना आवश्यक नहीं है।

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