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कोसी टाइम्स कनक्लेव 2018:‘कोसी टाइम्स’कोसी हीं नहीं बल्कि देश की जनता की आवाज

कोसी टाइम्स के चौथे स्थापना दिवस पर आयोजित  कोसी टाइम्स कनक्लेव 2018 में समाचार सम्पादक संजय कुमार सुमन का स्वागत भाषण 

कोसी टाइम्स कनक्लेव 2018 में उपस्थित आप सभी का मैं समाचार सम्पादक संजय कुमार सुमन कोसी टाइम्स परिवार की ओर से हार्दिक स्वागत,अभिनंदन और खैर मकदम करता हूँ।‘कोसी टाइम्स ’ 14 जनवरी 2014 से शुरू हुई। जिसकी युवा पत्रकार प्रशांत कुमार और उत्पल कुमार ने नींव रखी। ‘कोसी टाइम्स ’ का विस्तारीकरण या यूं कहें सींचने का काम मेरे अग्रज स्मृति शेष डा देवाशीष बोस द्वारा शुरू हुआ।आपको जान कर खुशी होगी इतने कम समय में बिहार के साथ साथ अन्य राज्यों में भी कोसी टाइम्स ने अपनी पैठ बनाई है ।कोसी टाइम्स विश्व के सौ से ज्यादा देशों में पढ़ी ज़ा रही है । सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जो क्रान्ति आयी है, उससे कदम से कदम मिलाकर “कोसी टाइम्स” आगे बढ़ रहा है। इसकी प्रसार संख्या निरन्तर बढ़ रही है। नियमित रूप से और विभिन्न विषयों पर समय-समय पर आलेख प्रकाशित होते रहते हैं। “कोसी टाइम्स” ने हमेशा जनता की आवाज बुलन्द की है। अवरोधों के बावजूद वह कभी अपने कर्तव्य से विमुख नहीं हुआ। ‘कोसी टाइम्स’ आज कोसी हीं नहीं बल्कि देश की जनता की आवाज बन रही है।

‘कोसी टाइम्स’ में प्रकाशित सामग्री की पठनीयता और प्रामाणिकता निर्विवाद है। ‘कोसी टाइम्स’ के प्रत्येक अंक में कोसी और आस-पास के विस्तृत समाचार तो जाते ही हैं, प्रदेश भर के विशेषरूप से सीमांचल, अंग प्रदेश, समस्तीपुर, के समाचारों को विशेष महत्व दिया जाता है। इन समाचारों के संकलन के लिए निजी संवाददाताओं का जाल फैला हुआ है। अन्य प्रदेशों की राजधानियों तथा विदेशों से प्राप्त समाचारों के प्रकाशन की भी विशेष व्यवस्था है।
सन् 2014 में ‘कोसी टाइम्स’ के प्रधान सम्पादक डा देवाशीष बोस की विवेक दृष्टि, दृढ़ संकल्प और उनके नैष्ठिक व्रत ने “कोसी टाइम्स” को नयी ऊंचाई दी। आपका त्यागमय और आदर्शवादी जीवन था। इससे पहले 2 सालों तक उन्होंने ‘कोसी टाइम्स’ का कौशलपूर्वक संचालन किया था। उन्होंने जब प्रधान सम्पादक का कार्य सम्भाला था, उथल-पुथल और संकटों का समय था। हिन्दी समाचार-पत्र भी उससे अछूते नहीं थे। मिशन की भावना का लोप हो चुका था। व्यावसायिक मानसिकता और व्यावसायिक वास्तविकता ने पत्रों का स्वरूप और उद्देश्य ही बदल दिया था। उद्योग, व्यापार और राजनीति का नया अर्थ नवीन शक्ति के रूप में समाज को प्रभावित कर रहा था। महंगी और अभाव जन-जीवन को सन्त्रस्त कर रहा था। विभिन्न क्षेत्रों की खबर औरअन्य संसाधन भी सहज उपलब्ध नहीं हो रहे थे। ऐसी विषम परिस्थिति में भी डा बोस ने ‘कोसी टाइम्स ’ की गौरवपूर्ण परम्परा की रक्षा करते हुए उन्नति की ओर अग्रसर किया।

डा बोस ने अनेक बाधाओं के बावजूद कोसी टाइम्स का पृष्ठ-सज्जा कर उसे नये भारत की आवश्यकता के अनुरूप बनाया। कोसी टाइम्स में केवल राजनीतिक समाचार ही नहीं, सांस्कृतिक, साहित्यिक,कृषि,स्वास्थ्य,मोटिवेशन और लोकमंगल से जुड़ी खबरों को भी अधिक स्थान और महत्व प्राप्त होने लगा। आपने विभिन्न समाज में राष्ट्र-निर्माण के प्रति जागृति पैदा करने के लिए कोसी टाइम्स के माध्यम से प्रेरित किया। भारत की आत्मागांवों में बसती है। पराधीन काल में इनकी जिस तरह उपेक्षा की गयी, उससे न केवल आत्मनिर्भरता समाप्त हो गयी अपितु उसका सांस्कृतिक वैशिष्ट्य भी नष्ट हो गया। आपने लुप्त होती लोककला और लोक संस्कृति को नया जीवन देने के लिए कोसी टाइम्स के माध्यम से यथेष्ट प्रोत्साहन दिया।“कोसी टाइम्स” पहला न्यूज़ पोर्टल है जिसने सबसे अधिक महत्व गांवों को दिया। विश्वसनीयता कोसी टाइम्स की सफलता की कुंजी है। यही कोसी टाइम्स की सार्थकता को सिद्ध करती है। वह इसके लिए सदैव सतर्क रहते थे। डा बोस पत्रकारिता के उन गुणों तथा परम्पराओं के प्रबल समर्थक थे और यह क्षेत्र सम्मानित और गौरवान्वित होता है। डा बोस मानते थे कि लिखे हुए शब्द सत्यनिष्ठ होने चाहिए। उनका स्पष्ट निर्देश था कि सत्य का निरूपण करना कर्तव्य है, पर उसकी अभिव्यक्ति की भी मर्यादा है।
“कोसी टाइम्स”हर मोर्चे पर आज भी ईमानदार लड़ाई लड़ रहा है। उसकी नजर आज भी शासक पर है, शासित पर है। अफसरशाही की गतिविधियों पर उसकी कड़ी नजर होती है। ग्राम जगत उससे अछूता नहीं है। गांवों की समस्याओं को वह सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी, महिलाओंकी स्थिति, बढ़ते अपराध, सरकारकी दुर्नीति, पुलिस की निष्क्रियता सबपर उसकी नजर होती है। मजदूर और कानून, हड़ताल और बन्द सभी उसके दायरे में हैं। राजनीतिक दल और धार्मिक प्रश्न जैसे विषयों पर “कोसी टाइम्स” के विचार स्वतन्त्रत होते हैं। श्रमजीवी युग की बारीकियों को वह पहचानता है। भविष्यपर “कोसी टाइम्स” की नजर बराबर रहती है। अहिंसा पर हम पहले भी जोर देते रहे और आज भी देते हैं। राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि के बारेमें “कोसी टाइम्स” की चिन्ता सर्वोपरि है और जनताके सुख-दु:खका साथी बने रहने में “कोसी टाइम्स” को गर्व का अनुभव होता है। हम आप बीती को विशेष महत्व देते हैं। आप बीती वह है जो हमारे देशकी जनता पर बीतती है। प्रकाशमें अन्धकार ढूंढऩे की कोसी टाइम्स की आदत नहीं है, फिर भी वह सचेष्ट रहता है कि सर्वत्र प्रकाश ही प्रकाश हो। अन्धेरा मिट जाय। जनता क्या चाहती है इसे शासकों तक पहुंचाना हमारा फर्ज है। हम जन सेवा के व्रती हैं। “कोसी टाइम्स” के लिए भारतवासी ही नहीं, सम्पूर्ण मानवमात्र ईश्वर समान है। हम मानते हैं कि मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। इसी रास्तेपर “कोसी टाइम्स” आज भी चल रहा है।आपका सहयोग,स्नेह और मार्गदर्शन हमे बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। आपका सहयोग रहा तो कोसी टाइम्स कनक्लेव 2019 और बेहतर के साथ प्रस्तुति करेगी। आपके सहयोग,मार्गदर्शन के आकांक्षी हैं। धन्यवाद

 

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