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अंगिका जन जागरण अभियान ने चौसा में लगाया “अंगिका चौपाल”

इमदाद आलम 

कोसी टाइम्स@चौसा,मधेपुरा 

अखिल भारतीय अंगिका पत्रकार एवं लेखक संघ दिल्ली के तत्वाधान में अंगिका जन जागरण अभियान की शुरुआत बाबा विशु राउत इंटर महाविद्यालय चौसा परिसर में गई। इस मौके पर एक चौपाल लगा कर लोगों को अंगिका भाषा के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम का संचालन वरीय पत्रकार संजय कुमार सुमन ने की।

अखिल भारतीय अंगिका पत्रकार एवं लेखक संघ दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक डा.शशि प्रकाश रत्नम ने कहा कि अंगिका भाषा को लेकर आयोजित यह कार्यक्रम सही मायने में बहुत ही महत्वपूर्ण है।अंगिका भाषा में त्रुटि को भूलकर सभी अंगिकावासियों को इसका प्रयोग बोलचाल में करनी चाहिए। अंगिका भाषा को लेकर क्षेत्रवासियों में झिझक है। क्षेत्रवासियों को झिझक छोड़ अंगिका का प्रयोग अनवरत करनी चाहिए। किसी भी भाषा को किसी खास परिधि में बांधने से उसका विकास होने के बजाय वह धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के अंग महाजनपद और झारखंड सहित लगभग 4-5 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा अंगिका का सम्मान करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 जून 2015 को बिहार अंगिका अकादमी का गठन कर दिया है। बिहार के तिलकामा भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में अंगिका की पढ़ाई पिछले कई साल से हो रही है। बिहार के लगभग 2-3 लाख अंगिका भाषी लोग आपके महानगर दिल्ली के इलाके में काम करते है। झारखंड सरकार द्वारा सिपाही और शिक्षक भर्ती के अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग एवं अन्य परीक्षाओं में 30 प्रतिशत अंकों का प्रश्न अंगिका से पूछे जाते है।आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से लगातार अंगिका कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है।  राष्ट्रभाषा परिषद व साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा अनेकानेक अंगिका साहित्य का प्रकाशन किया जा रहा है । अंगिका जागरण अभियान का मूल नाराभीख नै करजा- अंगिका का दर्जा है।

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियन के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार सुमन ने कहा कि अंगिका क्षेत्र के 15 सांसद लोक सभा का और 81 विधायक विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं बावजूद इसके अंगिका का जो सम्मान मिलना चाहिए वो नही मिल पाया है जो सोचनीय विषय है। अंगिका जागरण अभियान के तहत गांव- गांव जाकर लोगों से बातचीत के माध्यम से अंगिका के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांव में नुक्कड़ सभा,चर्चा, स्थानीय चर्चा पोस्टकार्ड सेवा,सोशल मीडिया पर हस्ताक्षर अभियान आदि के माध्यम से इस अभियान में लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि अंगिका भाषा भाषी में से एक बड़ा तबका के लोगों को पता नहीं है कि सब की भाषा अंगिका है। अंगिका को सभी लोगठेठी ही कह कर पुकारते हैं। जिसका नाजायज मैथिली भाषा भाषी के लोग उठाते हैं। बिहार के लगभग 4-5 करोड़ लोगों की भाषा अंगिका को संविधन अष्टम अनुसूची में शामिल करने के लिए हम सभी मिलकर जागरूकता अभियान चलाएंगे ।

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चौसा पश्चिमी मुखिया प्रतिनिधि सचिन कुमार बंटी,पूर्व मुखिया श्रवण कुमार पासवान ने कहा कि पहली बार अंगिका भाषा को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के आयोजन से अंगिका भाषा बोलने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस तरह के आयोजन से अंगिका बोलने की प्रेरणा भी मिलेगी। कुंजबिहारी शास्त्री,शिक्षक जवाहर चौधरी ने कहा कि अंगिका का रूप वृहद है और इसका प्रयोग अंगिका क्षेत्र के सभी लोगों को करना चाहिए। वैसे तो हम लोग घर में अंगिका भाषा का प्रयोग करते हैं। किंतु मन के किसी कोने में अंगिका के उच्चारण में गलती आने के भाव से लोग अक्सर अंगिका छोड़कर हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। जबकि हिंदी भाषा की तरह ही अंगिका भाषा का प्रयोग करने से ना सिर्फ लोगों का अंगिका बेहतर होगा, बल्कि उनका झिझक ही समाप्त होगा।

 

 

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