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हां कानून अँधा है ! लेकिन आप और हम तो देख रहे हैं न ……

                तुर बसु 

                                            आपकी बात @ कोसी टाइम्स.

मुरलीगंज के मीरगंज बाजार में गुरुवार की मध्यरात्रि से अहले सुबह तक जो सुमित्रा देवी के परिवार के साथ हुवा वह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है. शुक्रवार को मधेपुरा कोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम सांसद पप्पू यादव ने भी इस घटना का जिक्र किया था. उन्होंने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा  था- “हमारे विद्वान अधिवक्ता यहाँ ईमानदारी से बताएं क्या यह लॉ आम आदमी के लिय है ? मीरगंज चौक पर एक दवांग आदमी ने एक आदमी के घर को डिमोलिस कर दिया कोई सुनने वाला नहीं था….मैंने साढ़े पांच बजे एसपी को फोन किया…… जो देश आम आदमी की इज्जत नहीं करे ताकत और पैसे से सिर्फ इज्जत करे उस देश को बहुत पहले मिट जाना चाहिए…” यह शब्द एक सांसद के लिए सही नहीं माना जा सकता पर पप्पू यादव इसकी परवाह नहीं करने वाले नेता रहे है.

मधेपुरा के मीरगंज चौक पर गुरुवार की देर रात से शुक्रवार की अहले सुबह तक दवंगों का तांडव चलता रहा, जेसीबी मशीन और ट्रेक्टर के सहारे सुमित्रा देवी के परिवार को उजारा गया…, उनकी माने तो 70-80 लोग दो-ढाई बजे रात में उनके घर और दुकान पर हमला कर दिया. घर की औरत, बच्चे और पुरुषों के साथ मार-पीट की गई, जेसीबी मशीन से उनके दुकान और घर को उजार दिया गया इतने से भी दबंग संतुष्ट नहीं थे उनके सामान को ट्रेक्टर पर डाल कर लूट लिया गया. यह खेल सुबह 5 बजे तक चलता रहा लेकिन कोई नहीं आया…

पीड़ित की माने को इसकी जानकारी थाना को भी दी गई थी. आश्वासन भी मिला था कुछ नहीं होगा जाओ चैन से सो जाओ. लेकिन रात में ऐसा हुवा. बीच बाजार में 2 से 3  घंटे तक लूट-मार मचती रही लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया. बूढी सुमित्रा देवी उस रात के आतंक को याद कर रोने लग जाती है. जब उसके साथ ऐसा हो रहा था कोई बचाने वाला नहीं आया. यहाँ तक की कोई पड़ोसी भी सुबह तक उसका बाहर से बंद दरवाजा खोलने तक नहीं आया. जब फोन कर वह अपनी बेटी और नाती को बुलाई तो वह गेट खोल उसे बाहर निकला.

अब आप सोचते होंगे कानून के रखवाले क्या कर रहे थे. उसने तो अपना काम किया. जिसने घर को उजारा और लूटपाट की थाने में उसका केस पहले दर्ज हुवा मुरलीगंज थाना कांड संख्या 218/17 और धारा लगाया गया 341, 323, 324, 327, 307 और 34. जिसका घर उजरा उसका (सुमित्रा देवी का) थाने में बाद में केस दर्ज हुवा धारा लगाया गया 341, 323, 379, 504, 427, 506, 34. धारा देख कर आप समझ सकते हैं कि कानून ने अबतक किस तरीके से अपना काम किया है. वैसे आगे के लिए आप एएसपी राजेश कुमार के बातों पर भरोषा करें तो उन्होंने कहा है दोनों ओर से केस दर्ज किया गया है. अनुसंधान कर जरुरी कार्रवाई की जाएगी. पर हो सकता है तब तक हम और आप सब कुछ भूल जाएँगे…. कानून अपना काम इन कानून के रखवालों के तरीके से करती रहेगी. लेकिन सवाल यही रहेगा कानून अँधा है ! पर क्या हम और आप नहीं देख सकते हैं या देखना नहीं चाहते ?

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